तू जाके फिर ना आयी मगर बार-बार आती रही तेरी याद सबने सुनी कहानी मेरी पर ना सुनी गयी मेरी फ़रियाद मैं भूला नहीं तेरा चेहरा कभी यह पागलपन है मेरा कहते रहे सभी तेरे सपने आँखों में लेकर मैं साथ तेरे जीता … more →
तख़लीक़-ए-नज़रnims9 wrote 4 months ago: कैसी थी वो ज़िंदगी जब छोटी-2 बाते बड़ी-2 खुशियाँ दे जाती थी. ज़िंदगी का मतलब – जब मैं और तुम … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: एक तलाश पूरी होते ही आदमी दूसरी में जुट जाता अंतहीन सिलसिला है अपने मकसद रोज नये बनाता पूरे होते ही … more →
विनय wrote 10 months ago: तू जाके फिर ना आयी मगर बार-बार आती रही तेरी याद सबने सुनी कहानी मेरी पर ना सुनी गयी मेरी फ़रियाद मैं … more →
विनय wrote 1 year ago: मेरा दीवाना दिल धड़कता है, तेरे लिए पल-पल चोरी-चोरी तड़पता है, तेरे लिए जीता है तेरे लिए, मरता है ते … more →
विनय wrote 1 year ago: मैं कुछ कहता हूँ दिल कुछ कहता है मेरे ख़ाबों में न जाने कौन रहता है आया नहीं कभी वह यहाँ पर फिर भी म … more →
विनय wrote 1 year ago: सौंधी हुई एक खु़शबू मेरी आँखों में आकर सो गयी है कभी भर जो आती है आँख सारा मंज़र महका देती है… … more →
विनय wrote 1 year ago: अजब जाला है डोरियों का एक डोर का छोर जाने और कितनी डोरियों से जुड़ा है… डोरियाँ कुछ मानूस जानी … more →
shuaib wrote 2 years ago: नीचे तसवीर पर किल्क करना लड्डू खाने जैसा है और हां ……. लड्डू खाने के बाद चिट्ठाचर्चा च … more →
shuaib wrote 2 years ago: अब मुझे क्या मालूम था, जब गूगल इमेज्स पर “दिया” (Diya) खोजा तो उसने जीतू भाई को ढूंड निक … more →