भीगी हुई आँखों में तस्वीर तुम्हारी है रूठी हुई हमसे तक़दीर हमारी है मैं दिवाना राहे-इश्क़ का मुसाफ़िर हूँ मेरे पाँव में पड़ी ज़ंजीर तुम्हारी है मैं तेरे लिए अपनी जान तलक दे दूँगा मैं तेरा राँझणा और तू हीर… more →
तख़लीक़-ए-नज़रNidhi KM wrote 6 months ago: मेरी आँखों के आँसू आज थमते नही है ये सिसकियाँ मेरी रुकती नही है ना जाने क्या बात हुई आज की हम जीते न … more →
Praful wrote 9 months ago: पाकिस्तान से छपने वाले लगभग सभी समाचार पत्रों ने मुंबई हमलों से जुड़ी पाकिस्तान की जाँच रिपोर्ट को प … more →
विनय wrote 9 months ago: भीगी हुई आँखों में तस्वीर तुम्हारी है रूठी हुई हमसे तक़दीर हमारी है मैं दिवाना राहे-इश्क़ का मुसाफ़िर ह … more →
विनय wrote 10 months ago: रातभर चाँद देखा किये माज़ी में उड़ रहीं थीं तेरी यादें समेटा किये रातभर चाँद देखा किये कभी हाथ से ढका … more →
kmuskan wrote 11 months ago: कल्पना की लकीरों से, तेरी एक तस्वीर बनाई है जब भी देखती हूँ उसमे, तेरा ही अक्स नज़र आता है किसी का उद … more →
विनय wrote 1 year ago: तुम आये क्यों जब तुम्हें जाना ही था मुझसे दूर जाकर मुझे भुलाना ही था बदली-बदली फ़िज़ा में कुछ अपना लगा … more →
विनय wrote 1 year ago: बोल तुझे इक हर्फ़ में कैसे लिख दूँ तस्वीर नहीं बनती कभी हर्फ़ों से… तू रोशनी और यह तन्हाई अंधेरा … more →
विनय wrote 1 year ago: बा-क़ायदा हर्फ़ों में तेरी तस्वीर लिखी है जितनी भी सीखी है मोहब्बत’ तुमसे सीखी है तेरा नाम मेरी … more →
विनय wrote 1 year ago: हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों से अब बात नहीं बनती है तेरी यादों से बोल तुझे इक हर्फ़ में कैसे … more →
विनय wrote 1 year ago: ज़ोर से दिल धड़कता है (हाँ धड़कता है) तूफ़ान साँसों में चलता है (हाँ चलता है) आँखें ठहर जाती हैं तस्वी … more →
विनय wrote 1 year ago: तेरी तस्वीर से बातें करता रोज़ मैं पास मेरे जो तेरी कोई तस्वीर होती तुम्हें प्यार बेइंतिहाँ प्यार करत … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल जला उस की तस्वीर जल गई होगी इश्क़ की आखरी तहरीर जल गई होगी नज़र उठी तो बिजली ने भी खैर मांगी जो झु … more →
विनय wrote 1 year ago: जब से भूल जाना चाहा तुमको तेरी याद और भी आती है सपना क्या कभी कोई ऐसा हुआ जो बिखरा नहीं बची राख को आ … more →
विनय wrote 1 year ago: पहली बार देखा तुमको जाने क्या हुआ दिल की धड़कनों का हल्का-हल्का एहसास हुआ डूब गया मैं तेरी आँखों में … more →
विनय wrote 1 year ago: राहों में ढूँढ़ता हूँ कभी तुम मिलती नहीं यह भी सही जानो न जानो प्यार क्या है यह इक नशा-सा उतरता नहीं … more →
विनय wrote 1 year ago: तेरा चेहरा मेरे प्यार की तस्वीर है तू मोहब्बत है मेरी या फिर साँसों की ज़ंजीर है जब तुझे देखा सनम मुझ … more →
विनय wrote 1 year ago: वह कहाँ चले गये जो कल घर आये थे हमारे थोड़ा-सा और क़रीब हमारे वह कहाँ चले गये जो कल घर आये थे हमारे ब … more →
विनय wrote 1 year ago: दिल से मेरे जो पहली नज़्म निकली थी वह तेरे लिए थी सखी वह तेरे लिए थी तेरे मेरे ख़ाबों की ज़मीं पर सखी … more →
विनय wrote 1 year ago: कोई है इस दिल में पर साथ में नहीं है वह मेरा जाने-जिगर, वह मेरा हमसफ़र जिससे मिली थी नज़र वह कहाँ खो ग … more →