ताउम्र मैं उसका नाम करता रहा ! पर वो मुझको बदनाम करता रहा !! इक अर्सा बीत गया मैंने सहर नहीं देखी, मेरी हर सुबह को वो शाम करता रहा ! उसके सुकुं के लिये मैं जागा रातभर, वो मेरी नींदें मगर हराम करता रहा… more →
दिल की ज़मीं पररविकुल wrote 1 week ago: ताउम्र मैं उसका नाम करता रहा ! पर वो मुझको बदनाम करता रहा !! इक अर्सा बीत गया मैंने सहर नहीं देखी, म … more →