ब्लोग लेखक और लेखक ब्लोगर के बीच में बहुत अधिक अंतर तो परिलक्षित नहीं होगा पर उनकी स्वाभाविक गतिविधियों में यह दिखाई देगा। लेखक ब्लोगरों को इसकी परवाह नहीं होगी की उनके बारे में क्या सोचता है पर लेखक… more →
दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 3 months ago: ओ आम इंसान! तू क्यों ख़ास कहलाने के लिए मरा जाता है. खास इंसानों की जिन्दगी का सच जाने बिना क्यों बड … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: वैलंटाईन डे की चर्चा आजकल सुर्खियों में हैं। इसका कुछ लोग विरोध करते हैं तो कुछ नारी स्वतंत्रता के न … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: बरसों पहले कृश्न चंदर का उपन्यास देख ‘एक गधे की आत्मकथा’। पूरा नहीं पढ़ा क्योंकि उसमें गधे का बोलना- … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: ब्लागवानी के लोग सही कहते हैं कि वह लोग शौकिया हैं पर उनको नहीं मालुम वह कई व्यवसायिक लोगों के लिये … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कृतिदेव को यूनिकोड के बदलने वाला टूल आने पर मैंने सोचा था कि प्रतिदिन व्यंग्य लिखा करूंगा। जब यूनिक … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज एक फोरम पर घूमते घामते अपने मित्र समीरलाल ‘उड़न तश्तरी” के ब्लाग पर पहुंच गया। उनका ब्लाग … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ब्लोग लेखक और लेखक ब्लोगर के बीच में बहुत अधिक अंतर तो परिलक्षित नहीं होगा पर उनकी स्वाभाविक गतिविध … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ऐसा क्या हुआ है यारों ब्लोगर अब साहित्यकारों पर बरस रहे हैं जो रूठ्ता है अपनी बिरादरी से ब्लोगरों क … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अगर कोई शब्दों पर यकीन नहीं करे तो उसे अंकों के जाल में फंसाओ-यह उन लोगों का नियम है जो … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: प्रेम और युद्ध में सब जायज है। क्या इस तर्क को सही मान लिया जाये? पूरी तरह यथार्थ मीवन जीने वाले लोग … more →