ड़ूबनेवाले को इक ही तिनके का सहारा काफ़ी है समझदार को कहते हैं बस एक इशारा काफ़ी है यूँ ही नहीं कहता हूँ मै के इश्क़ मोहब्बत धोखा है राह-ए-मोहब्बत पर मैने भी वक़्त गुज़ारा काफ़ी है क्या ग़म है जो मिला नहीं वो… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: ड़ूबनेवाले को इक ही तिनके का सहारा काफ़ी है समझदार को कहते हैं बस एक इशारा काफ़ी है यूँ ही नहीं कहता हू … more →