Blogs about: तुकान्त
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हार पहनाया मुझे !
मिला सम्मान उसे नकारुं कैसे? हार पहनाया मुझे, हार उतारुं कैसे? हाय! क्षणभंगु… more »
हरिहर झा
हार पहनाया मुझे !
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 4 months ago: मिला सम्मान उसे नकारुं कैसे? हार पहनाय … more »
मुसाफ़िर
Harihar Jha हरिहर झा wrote 4 months ago: माना ये जग है सफर चार दिन का हम हैं मुसा … more »
मां और मातृभूमि
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 7 months ago: ( एक प्रवासी भारतीय के … more »
जहरीला सांप
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 7 months ago: भेष आदमी का धर कर आया जहरीला सांप उगले … more »
खिलने दो खुशबू पहचानो
Harihar Jha हरिहर झा wrote 8 months ago: विषम स्थिति हो लोग पराये फिर भी सब मे ई … more »
धुमिल हो गये
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 8 months ago: ( युद्ध की विभिषिका से पीड़ितों को समर् … more »
लम्हा
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 8 months ago: नदी की बूंद सा बहता लम्हा हुआ ना तिजोर … more »
प्यार की उमंग
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 8 months ago: मोम की कसक जो दर्द बन गई पिघलपिघल लौ से … more »
अंगुर खट्टे हैं
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 8 months ago: मेहनत मधुमक्खी करले हम घोघे और तिलचट … more »
शरमा रहा
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 9 months ago: पौ फटी नभ लाल हो कर सूर्य से शरमा रहा च … more »
रिमझिम यह बरसात
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 9 months ago: मनमयूर लो नचा गई रिमझिम यह बरसात लिखी … more »
बालहठ
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 10 months ago: (प्यारे शिशुओं को समर्पित) राजहठ और ना … more »
चल तू अकेला
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 10 months ago: मियांबीबी दो झगड़ते थे भारी सोंचा सुलह … more »
कारगील हो या गेलीपोली*
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 10 months ago: मौत से आंखमिचोली कारगील हो या गेलीपोल … more »
मौत भी थम जाये
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 12 months ago: अगर तुम ना जाओ मौत भी थम जाये साथ हो तुम … more »
नंगा बोल पड़ा
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: कंगला डूबा चिन्ता म … more »
क्षतिपूर्ति
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: मानव जिस अंग पर रह गया अधुरा कुदरत और र … more »
नखरारी नार
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: पिचकारी खेले ससुरी ऐसे रंग फेंक कर क … more »
पतझड़*
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Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: -हरिहर झा आंसू मे डूबी वीणा ले मधुर गी … more »
