तुमने मुड़कर भी नहीं देखा मुझे जाते जाते एक तकल्लुफ़ ही सही जिसको निभाते जाते क्या ख़ता थी के टूट गये हैं सब रिश्ते ये तो जाते हुए तुम मुझको बताते जाते ना इख़लास कोई ना ही शिकायत कोई कोई एहसान सही वो ही ज… more →
इक शायर अंजाना सा...Nidhi KM wrote 6 months ago: तुम कहते हो,वो बेवफा हो गया है… प्यार मे दर्द, हर रोज़ दे गया है… कभी सज़ा देता है, तो क … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: तुमने मुड़कर भी नहीं देखा मुझे जाते जाते एक तकल्लुफ़ ही सही जिसको निभाते जाते क्या ख़ता थी के टूट गये ह … more →