Nidhi KM wrote 4 months ago: तुमसे ज़्यादा और ज़्यादा पाने की और तुम्हे देने ख़्वाहिश है तुम्हारी बाहों मे जीने और मरने की ख़्वाह … more →
Nidhi KM wrote 9 months ago: तुमसे जो जाना है , हमने वो माना है…. तुम वो हो जिसने सुनना नही, समझना सिखाया है… तुम व … more →