फिर खोज रही हूँ, वो टूटे-छूटे, बिखरे-सिमटे पल, जिनको हमने जाने मे, कभी अनजाने मे, छुपा दिया था, कभी आँसू मे, कभी मुस्कान मे, वो हर एक पल, कुछ कह रहा है, कभी ज़ोर से, कभी चुपके से, कुछ आवाज़े जो हल्की … more →
NidhiKM...Dil Se...Life is not fair...You never know...Hai na...Tum jo bhi ho,sirf tumhare karana ho...wrote 1 week ago: फिर खोज रही हूँ, वो टूटे-छूटे, बिखरे-सिमटे पल, जिनको हमने जाने मे, कभी अनजाने मे, छुपा दिया था, कभी … more →
wrote 1 month ago: मुझे नही पता, कब-कैसे तुम, मेरी ज़िंदगी मे आए, पता है तो, बस इतना, तुम्हारे आने से, हर मौसम को जिया … more →
wrote 1 month ago: कदमों से कदमों को, मिलाने की बहुत कोशिश की, कभी मैं आगे बढ़ गयी, कभी तुम पीछे रह गये, बातों को बातों … more →
wrote 3 months ago: तुम बहुत मीठा बोलते हो, हर शब्द को, चाशनी मे घोलते हो, मिशरी की तरह, रस घोलते हो, न कड़वा बोलते हो, … more →
wrote 4 months ago: 1) पहले :- बिन दस्तक, बिन आहट के, तुम मेरे दिल तक आए, कुछ यूँ समाए की, दूजी, सारी दस्तकें, सारी आहटे … more →
wrote 8 months ago: मेरी आँखों के आँसू आज थमते नही है ये सिसकियाँ मेरी रुकती नही है ना जाने क्या बात हुई आज की हम जीते न … more →
wrote 9 months ago: वो कहता है, तुम अपना प्यार शब्दों में बयां करती हो कैसे ? वो शब्दों की बात करता है … जो दिल मे … more →
wrote 9 months ago: तुमसे जो जाना है , हमने वो माना है…. तुम वो हो जिसने सुनना नही, समझना सिखाया है… तुम व … more →
wrote 1 year ago: दिल जो टूटा तो बताओ के किधर जाओगे तुम भी इस राह में आखिर को बिखर जाओगे हद से हद ये ही मिलेगा मुझे चा … more →
wrote 1 year ago: तुम साथ हो तो सब अच्छा लगता है अंधेरे मे भी रोशनी का रंग दिखता है हो के जुदा तुमसे ये चाँद भी हमे दर … more →
wrote 1 year ago: ज़िंदगी सियाह है ज़रा तुम नूर थाम लो भरी तन्हाई में मुझे कुछ दूर थाम लो तुम्हारे नाम से मुझको ज़माना जा … more →
wrote 5 months ago: जिसको जो कहना हो, उसको वो कहने देना, मेरी प्रीत को, प्रीत “निधि” की रहने देना, तुम कोई न … more →
wrote 5 months ago: मैं नदी थी प्यासी सी तुम सागर से मिलने चली थी मिलकर सागर मे ये जाना मैं ही अकेली, प्यासी नही थी सागर … more →
wrote 6 months ago: तपती धूप मे , दुख के तूफ़ानों मे ग़म की परछाईयों मे , अंधेरी रातों मे भटकी हुई राहों मे , अनजानी मन् … more →