सुभग सेज सोभित कौसल्या रुचिर राम सिसु गोद लिये। बाललीला गावत हुलरावत पुलकित प्रेम पीयुष पिये॥१॥ कबहू पौढि पय पान करावत कबहूं राखत लाय हिये। बार बार बिधु बदन बिलोकत लोचन चारु चकोर पिये॥२॥ सिव विरंच मुन… more →
पुष्टिमार्गwrote 1 year ago: सुभग सेज सोभित कौसल्या रुचिर राम सिसु गोद लिये। बाललीला गावत हुलरावत पुलकित प्रेम पीयुष पिये॥१॥ कबहू … more →
wrote 1 year ago: कौसल्या रघुनाथ कों लिये गोद खिलावे। सुंदर बदन निहारकें हँसि कंठ लगावे॥१॥ पीत झगुलिया तन लसे पग नूपुर … more →
wrote 1 year ago: नौमी चैत की उजियारी। दसरथ के गृह जनम लियौ है मुदित अयोध्या नारी॥१॥ राम लच्छमन भरत सत्रुहन भूतल प्रगट … more →