तुलसीदास को पढ़ने के बाद मुझे यही लगा कि एक निहायत ही पारदर्शी व्यक्तित्त्व के साथ समर्थकों और विरोधियों दोनों ने ही बहुत अन्याय किया है.समर्थक अन्याय :(1) तुलसीदास अवतारी पुरुष थे.(2) उनकी रामचरित मा… more →
वर्ड प्रेस पर आलसीप्रेमलता पांडे wrote 4 months ago: केदारनाथ में भगवान शिव ने पांडवों को दर्शन न देने से बचने के लिए बैल का रुप धारण किया और धरती में सम … more →
रवि कुमार, रावतभाटा wrote 6 months ago: कहाँ जाई, का करि – तुलसीदास ( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhata) शब्दों के कुछ समूह हम … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: सुन्दर काण्ड – रामचरितमानस तुलसीदास श्रीजानकीवल्लभो विजयते श्रीरामचरितमानस पञ्चम सोपानसुन्दर … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: जन्म काल महान कवि तुलसीदास की प्रतिभा-किरणों से न केवल हिन्दू समाज और भारत, बल्कि समस्त संसार आलोक … more →