बड़ी तेज़ गर्मी थी दुनिया हाहाकार करती थी। पत्ता नहीं कोई हिलता था हर कोई तपता था। तभी अचानक तूफ़ान आया साथ में बादल भी लाया। पहले अवर्णित हवाएं चलीं पूरी धूल उड़ा चलीं। जो कुछ था हल्का-फुल्का पता नहीं थ… more →
पसंदरवि कुमार, रावतभाटा wrote 4 months ago: तूफ़ान कभी भी मात नहीं खाते – पाश ( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhata) शब्दों के कुछ सम … more →
विनय wrote 1 year ago: मुझसे कोई प्यार कर ले दिल अपना देकर, दिल मेरा ले ले मुझसे कोई प्यार कर ले… तन्हाइयों का दर्द छ … more →
विनय wrote 1 year ago: ज़ोर से दिल धड़कता है (हाँ धड़कता है) तूफ़ान साँसों में चलता है (हाँ चलता है) आँखें ठहर जाती हैं तस्वी … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: बिखरे हुए से फूलों में तूफ़ान की खुशबू आई है इक गद्दार ग़रेबां से ईमान की खुशबू आई है हमने ये ना जाना … more →
विनय wrote 1 year ago: तुम मेरे हो तुम मेरे हो तुम मेरे हो दिल की सदा साँसों के सिलसिले कहते हैं तुम मेरे हो तुम मेरे हो यह … more →
विनय wrote 1 year ago: जब-जब सनम तेरी यादें आती हैं कैसे कहें कितना तन्हा कर जाती हैं रोते हैं सब से छिपकर अँधेरों में ख़ुद … more →
विनय wrote 1 year ago: जादू जैसा छाया पहला-पहला नशा जी में आये पंख खोल उड़ जाऊँ मैं आस्माँ से आगे निकल जाऊँ मैं मस्ती दिल प … more →
विनय wrote 1 year ago: थकने लगी है मोहब्बत की शाम सफ़र के राही को न मिला है मक़ाम बुझने लगी है मोहब्बत की रोशनी रात का राही ह … more →
विनय wrote 2 years ago: मैं वो आग हूँ जो लग जाऊँ तो जंगल का तिनका-तिनका जला दूँ फैल जाऊँ चंद लम्हों में कुछ इस तरह जैसे आग क … more →
प्रेमलता पांडे wrote 3 years ago: बड़ी तेज़ गर्मी थी दुनिया हाहाकार करती थी। पत्ता नहीं कोई हिलता था हर कोई तपता था। तभी अचानक तूफ़ान आय … more →