आज तक समझा नहीं मै क्यों गया तू छोड़कर क्या कमी थी प्यार में रिश्ते गया सब तोड़कर देख तू आ के ज़रा मेरी किताब-ए-ज़िंदगी जिस जिस पे तेरा नाम वो पन्ना रखा है मोड़कर एक शब जाती नहीं जब याद तू आता नहीं आज भी स… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: आज तक समझा नहीं मै क्यों गया तू छोड़कर क्या कमी थी प्यार में रिश्ते गया सब तोड़कर देख तू आ के ज़रा मेरी … more →