दर्शक । जैसे कि आमतौर पर होते हैं । मध्यमवर्गीय औरतें, बच्चे, लड़कियां और उनको घूरते मध्यम वर्गीय युवकगण । हाई हील की सैंडिलें पहनी नाटी लड़कियां, गाढ़े रंग की सस्ती लिपिस्टिक की पर्तें, स्नो पावडर से पु… more →
सुदर्शनK M Mishra wrote 2 months ago: दर्शक । जैसे कि आमतौर पर होते हैं । मध्यमवर्गीय औरतें, बच्चे, लड़कियां और उनको घूरते मध्यम वर्गीय युव … more →
K M Mishra wrote 2 months ago: आज दशहरा है । इसकी सूचना देने के लिये चौराहे पर 30 माइक्रोफोन अपनी पूरी क्षमता के साथ चिंघाड़ रहे हैं … more →
K M Mishra wrote 6 months ago: =>हैप्पी मदर्स डे माम ! =>जुग-जुग जियो बेटा । मेरी उम्र भी तुम्हे लग जाये मेरे लाल । अभी कुछ स … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: आप सुबह किसी दुकान पर जाकर ऐसे ही खड़े होकर वहां रखी चीजें देखिये तो दुकानदार आपसे पूछेगा‘ आपको कौनसी … more →
K M Mishra wrote 8 months ago: – हैप्पी होली अंकल-आंटी और गुरू द्रोण की क्लास खत्म होते ही सभी राजकुमारों के हाथों में उनकी फ … more →
K M Mishra wrote 9 months ago: -बुरा न मानो होली है, हिक्क ! पड़ोसी के आंगन में खड़ा दशहरी खड़े-खड़ … more →
K M Mishra wrote 9 months ago: सवेरे के साढे छ: बज रहे हैं और मैं मुँह में टूथब्रश घुमाता लॉन में खड़ा हॅंू । सड़क पर बुङ्ढेजन, जनी अ … more →
माधव त्रिपाठी wrote 1 year ago: कल से ही नवरात्री शुरू हो गई है पर यह पोस्ट एक दिन बाद पोस्ट कर रहा हूँ इसलिए थोडी क्षमा चाहता हूँ … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: जीवन के सब रंग लायी, देखो होली आई, लगा के ये रंग क्यों न आज, हम फिर जी उठे, खेल के ये रंगी होली क्यो … more →
Nitin Bagla wrote 2 years ago: इस बार दिवाली पर घर जाना नही हो पाया….हैदराबाद में ही मनेगी अपनी दीवाली। ऐसा नही है की पहली बा … more →
गिरिजेश राव wrote 1 month ago: . . . अम्माँ, आज जब तुम दिया जलाओगी तो मुझे पता है कि आंसुओं को रोके रखोगी। दो बेटे, बहुएँ, नतिनियाँ … more →