सब ग्वाल नाचे गोपी गावे। प्रेम मगन कछु कहत न आवे॥१॥ हमारे राय घर ढोटा जायो। सुनि सब लोग बधाये आयो॥२॥ दूध दही घृत कावरि ढोरी। तंदुल दूब अलंकृत रोरी॥३॥ हरद दूध दधि छिरकत अंगा। लसत पीत पट वसन सुरंगा॥४॥ त… more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 1 year ago: सब ग्वाल नाचे गोपी गावे। प्रेम मगन कछु कहत न आवे॥१॥ हमारे राय घर ढोटा जायो। सुनि सब लोग बधाये आयो॥२॥ … more →