चांदनी के फूल महक रहे सारी कायनात में नीलाई की चादर पर रौशनी बिखरी हुयी मेजबानी करने की चाँद की बारी है इस बार | ———————————- टोकर… more →
mehekmehhekk wrote 4 months ago: चांदनी के फूल महक रहे सारी कायनात में नीलाई की चादर पर रौशनी बिखरी हुयी मेजबानी करने की चाँद की ब … more →
sonyagee wrote 5 months ago: शीरा जुबान पे खंजर कमान में मुखौटे हसीं पर चेहरे बईमान से केकड़े है रेत के चलना संभाल के … more →
mehhekk wrote 1 year ago: त्रिवेणी 1.लफ़्ज़ों का सज़ा कर नगमा हाल-ए-दिल सुनाया उनके लबों की मुस्कान देख समझे हमने उन्हे मनाया … more →
mehhekk wrote 1 year ago: त्रिवेणी 1.समय भागता रहा अपनी रफ़्तार से कुछ पाने की जिद्द थी मैं भी भागती रही खुद को ही बहुत अज … more →
mehhekk wrote 1 year ago: त्रिवेणी – अक्सर जाती हूँ मैं उस कुए के पास 1.अक्सर जाती हूँ मैं उस कुए के पास कंठ गीला करने ज … more →