दरिया किनारे वह लड़की बाल सँवारे क़दमों के निशाँ पर बहते हैं पानी के धारे दिल की ज़ुबाँ तो दीवाना दिल ही जाने सभी तो मरते हैं उस पर यह सारे रह-रहकर आसमानों में उड़ती है चाहत देखकर उसे दिल को मिलती है रा… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: दरिया किनारे वह लड़की बाल सँवारे क़दमों के निशाँ पर बहते हैं पानी के धारे दिल की ज़ुबाँ तो दीवाना दिल … more →