Blogs about: दरवाज़ा

और दाँव अपनी जाँ का1 comment

विनय wrote 1 year ago: और दाँव अपनी जाँ का किसने लगाया होगा फिर इश्क़ ने फ़रहाद कोई बुलाया होगा यूँ ही नहीं बिगड़ता है कोई कि … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, ख़बर, तन्हा, आहट, Wrong

अश्को-अक्स चश्म में नहीं है

विनय wrote 1 year ago: जितनी मै उन आँखों में थी उतनी और कहाँ जितना सुरूर उन आँखों में था उतना और कहाँ रोज़ शाम दरवाज़े पे बैठ … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, eyes, haze, प्यार, मोहब्बत, शाम, क़दम

ख़ुदा ने जब किसी को2 comments

विनय wrote 1 year ago: ख़ुदा ने जब किसी को न कहा अपना ख़ुदा फिर तूने क्यों कहा ग़ैर को अपना ख़ुदा यह तो हद ही कर दी तूने, य … more →

Tags: मेरी नज़्म, ईमान, एहसान, ख़ुदा, ग़ैर, चौखट, दिए, हद, क़त्ल

वो वक़्त

विनय wrote 1 year ago: वो वक़्त कि वक़्त हमें सिर पे लिए फिरता था अब है कि मेरे दरवाज़े से गुज़रते हुए डरता है कारू के ख़ज़ाने म … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, वक़्त, time, Life, Money, कारू, ख़ज़ाना, सिक्का

मैं डोली लेने आऊँगा

विनय wrote 1 year ago: मैं डोली लेने आऊँगा तुम दुल्हन बनकर रहना मैं भी रस्ता देखूँगी ओ मेरे दिलबर सजना प्यार हमारा जनम-जनम … more →

Tags: मेरा गीत, शादी, डोली, दुल्हन, दिलबर, सजना, प्यार, सूली, गल्लाँ

वक़्त गुज़रा किया पल-पल आदतन

विनय wrote 1 year ago: मैं ईज़ा1 में पड़ा नदामत2 को तड़पता रहा जैसे शोला बुझती आग में भड़कता रहा मैं कमरे में बैठा खोया रहा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, वक़्त, Heart, time, eyes, Moment, दिल, नाम, बादल


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