जब मैं हसा था, कौन मेरे साथ मुस्कुराया था कौन है मेरा दोस्त जो तब मेरे पास आया … more →
The Shayari.. Shayari Collection Hindi meinविनय प्रजापति wrote 3 weeks ago: न वह कभी आँखों से उतारा ही गया और न कभी … more →
Amarjeet Singh wrote 2 months ago: जिंदगी दोस्तों के नाम कर दी, उनकी खाति … more →
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: मुझसे कोई प्यार कर ले दिल अपना देकर, दि … more →
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: वफ़ाइयाँ मेरी तुझसे ये वफ़ाइयाँ बेवफ़ाइ … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: हम में जीतने का हौसला है ‘नज़र’ यह बा … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: तुम नहीं तो रंग नहीं होली में नहीं सजत … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा जिस दिन … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: आसमाँ को आज उसका हक़ पहुँचा यह तीर जो मे … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: जिगर को चाक करना चाहता हूँ साँसों में … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: दर्द सुलगते क्यों हैं जलते क्यों नहीं … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: यह कैसा लम्हा है यह कैसा एहसास है तू पल … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: तन्हाई यूँ ढूँढ़ती है मुझे जैसे मेरी स … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: ना जीने को जी करता है ना मरने … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: जाने दो जाने दो यह लम्हा गुज़र जाने दो न … more →
Rohit Jain wrote 6 months ago: चाँद दर्द का जला, दिल में उतरी चाँदनी त … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: हाल दिल का बताना तुमसे बहुत ही मुश्किल … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: यह कोरे काग़ज़ करते हैं दिल की बात जैसे य … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: जानते हैं दर्द बुझते हुए चाँद का जब बढ … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: यह बीते हुए लम्हों का शोर है या तन्हाई … more →