Blogs about: दर्द

पानी के बेहने को अश्क़ नहीं कहते

palakmathur wrote 1 week ago: दर्द कितना है दिल में न जान पाओगे, हम रोज़ अपने ग़म का इश्तेहार नहीं करते, जो आँख से टपकें लहू तो बत … more →

Tags: आत्मीयता, हिन्दी, hindi, Poem, Poems, अश्क़, लहू, Ashq, Dard

आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है5 comments

विनय wrote 2 months ago: आँखों की ख़ुशबू को छुआ नहीं महसूस किया जाता है दिल को बहलावा नहीं दर्द दिया जाता है दर्द जो है इश्क़ … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, eyes, तन्हाई, प्यार, याद, ख़ुशबू, Pain

सहर-ब-सहर मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ9 comments

विनय wrote 3 months ago: सहर-ब-सहर1 मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ2 कहाँ छिप गयीं नूर-सी रोशन निगाहें न कोई घर रहा मेरा न कोई ठिकाना म … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, नूर, दोस्त, Love, तन्हाई, मंज़िल, Pain, दुआ, घर

अपने 3 comments

kmuskan wrote 5 months ago: अपने जब दूर जाते है तो बहुत दर्द देते है पर अपने जब पास रह कर भी दूरिया बना लेते है … more →

Tags: Apne, अपने, आंसू, कसक, गम, ज़िन्दगी, दिल, दूरिया, Blogroll

लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी लड़ायेगी बुंदेलखंड एकीकृत पार्टी

sanjay pandey wrote 5 months ago: महोबा। लोकसभा चु … more →

Tags: कविता, बुंदेलखंड, bundelkhand, sanjay pandey, अलग राज्ë, बुंदेलखं, बुंदेलखण, बुन्देलख, बुन्देलख

जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे14 comments

विनय wrote 6 months ago: जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे यूँ इस ख़ला की यह गर्द तुझ तक पहुँचे की है इस दिल ने सदा तुझसे … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, धूप, आलम, इश्क़, Love, मौसम, दिल, प्यार, मोहब्बत

कविता में बुंदेलखंड का दर्द

sanjay pandey wrote 6 months ago: सालन सें बुन्देलखण्ड में ढंग से न बरसो पानी , दूर दूर तक धूरा उड़ रई ,चौपट भई किसानी, कुआँ तला सब सूख … more →

Tags: कविता, बुंदेलखंड, उठो बुन्देलो, क़र्ज़ भूख, बदहाली

कविता में बुंदेलखंड का दर्द

sanjay pandey wrote 6 months ago: सालन सें बुन्देलखण्ड में ढंग से न बरसो पानी , दूर दूर तक धूरा उड़ रई ,चौपट भई किसानी, कुआँ तला सब सूख … more →

Tags: कविता, बुंदेलखंड, उठो बुन्देलो, क़र्ज़ भूख, बदहाली

फिर वही दर्द, वही शाम है14 comments

विनय wrote 8 months ago: फिर वही दर्द, वही शाम है लबों पर फिर तेरा नाम है ज़िन्दा हूँ पर ज़िन्दगी नहीं सीने में साँसों का ताम-झ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, alive, अन्जाम, इम्तिहाँ, इश्क़, ग़ुलाम, जाँ, ताम-झाम, दिल

उस्लूब, उस्लूब, उस्लूब5 comments

विनय wrote 8 months ago: उस्लूब*, उस्लूब, उस्लूब क्या पढ़ने वाले इनको समझते हैं वज़नी हो सीने पर गर ज़ख़्म उसे पढ़ने वाले दर्द … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Heart, Love, प्यार, मोहब्बत, Pain, प्रेम, ज़ख़्म

न वह कभी आँखों से उतारा ही गया6 comments

विनय wrote 11 months ago: न वह कभी आँखों से उतारा ही गया और न कभी लबों से पिया ही गया वह इक दर्द का बवण्डर था शायद न जिसे कभी … more →

Tags: मेरा गीत, दूर, Heart, क़रीब, light, eyes, दिल, रोशनी, Pain

जिंदगी दोस्तों के नाम कर दी...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: जिंदगी दोस्तों के नाम कर दी, उनकी खातिर जान कुर्बान कर दी, मरने का हमे कोई गम नही, खुशी है दोस्तों क … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, amarjeet singh, अमर, अमरजीत, कुर्बान, खुशी, गम

मुझसे कोई प्यार कर ले4 comments

विनय wrote 1 year ago: मुझसे कोई प्यार कर ले दिल अपना देकर, दिल मेरा ले ले मुझसे कोई प्यार कर ले… तन्हाइयों का दर्द छ … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, हुस्न, इश्क़, Heart, Love, तन्हाई, दिल, प्यार

वफ़ाइयाँ मेरी तुझसे ये वफ़ाइयाँ3 comments

विनय wrote 1 year ago: वफ़ाइयाँ मेरी तुझसे ये वफ़ाइयाँ बेवफ़ाइयाँ मेरी ख़ुद से बेवफ़ाइयाँ अजब कशमकश है तेरे प्यार में जाने क्या … more →

Tags: मेरा गीत, ज़हन, इश्क़, तख़लीक़, Heart, Love, haze, Mind, तन्हाई

हम में जीतने का हौसला है

विनय wrote 1 year ago: हम में जीतने का हौसला है ‘नज़र’ यह बाज़ी भी हम मारकर जायेंगे यह ज़ख़्म जाविदाँ नहीं रहने वा … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, हौसला, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, Pain, नज़र, ज़ख़्म

तुम नहीं तो रंग नहीं होली में4 comments

विनय wrote 1 year ago: तुम नहीं तो रंग नहीं होली में नहीं सजता आलेखन रंगोली में है दर्द में आज भी वही मज़ा न है लुत्फ़ ग़ैर क … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, रंग, डोली, Pain, घर, Fun, Stranger, Dreams

वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा2 comments

विनय wrote 1 year ago: वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा जिस दिन भी पुकारा उसने मुझे मेरे मद्यए-मुक़ाबिल के सर मौत का सेहरा होग … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, Pain, सदा

आसमाँ को आज उसका हक़ पहुँचा2 comments

विनय wrote 1 year ago: आसमाँ को आज उसका हक़ पहुँचा यह तीर जो मेरे दिल तक पहुँचा ज़ख़्म देकर जो उसका जी न भरा दिल उसका मेरे दि … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, arrow, आँख, आसमाँ, इश्क़, ख़ुशी, जी, तीर, दिल

जिगर को चाक करना चाहता हूँ

विनय wrote 1 year ago: जिगर को चाक करना चाहता हूँ साँसों में दर्द भरना चाहता हूँ गीली आँखों में सच्चे अफ़साने ऐसे जीवन से डर … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, Pain, बिछोह


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