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Blogs about: दर्शन

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‘आत्मानं रथिनं विद्धि ...’: कठोपनिषद् में आत्मा एवं शरीर के संबंध की व्याख्या 1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 1 week ago: पहले की एक पोस्ट (७ अक्टूबर २००९) में इस बात का उल्लेख किया गया है कि कठोपनिषद् में वाजश्रवापुत्र ऋष … more →

Tags: अध्यात्म, उपनिषद्, वेद, Philosophy, UPANISHADA, ved, कठोपनिषद्, कर्मेद्रिय, ज्ञानेंद्रिय

कठोपनिषद् के नीति वचन - श्रेयस् (कल्याणप्रद) एवं प्रेयस् (चित्ताकर्षक) में चुनाव

योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: कठोपनिषद् में ऋषिकुमार बालक नचिकेता और यम देवता के बीच प्रश्नोत्तरों की कथा का वर्णन है । नचिकेता की … more →

Tags: अध्यात्म, उपनिषद्, नीति, संस्कृत-साहित्य, Philosophy, UPANISHADA, आध्यात्मिक हित, कठोपनिषद्, नचिकेता

मोगाम्बो खुश हुआ7 comments

उन्मुक्त wrote 1 month ago: मैंने कुछ समय पहले बचपन में पढ़ी आर्ची कॉमिक्स के बारे में ‘हाय, यह क्या किया – मेरा दिल ही टू … more →

Tags: विचार, सूचना, Archie Comics, Archie, betty, Veronica

चाणक्य दर्शन-जीवन में जागरुकता आवश्यक (chankya darshan in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: गूढ़मैथुनचरित्वं च काले काले संग्रहम्। अप्रमत्तमविश्वासं पंच शिक्षेच्च वायसात्।। हिंदी में भावार्थ-छि … more →

Tags: hindi Personal, Hindi writing, Hindu darshan, Hindu culture, hindu dharm, hindi vichar, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, आलेख

मनुस्मृति-दूसरों के माल पर नजर न डालें (paraya mal apna na samjhen)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मनु महाराज कहते हैं कि —————— यानाश्य्यासनान्यस्य, कूपोद्यान ग्र … more →

Tags: hindi Personal, Hindi knowledge, Hindi Darshan, hindi adhyatm, hindi abhivyakti, hindi megzine, hindi shabd, hindi internet, Hindi Blogging

कोई वकील क्यों बनना चाहता है?3 comments

उन्मुक्त wrote 2 months ago: ‘उन्मुक्त जी, यह भी कोई सवाल है। क्या, कोई वकील भी बनना चाहता है। लगता है आपको मालुम नहीं, आज … more →

Tags: कानून, हिन्दी, hindi, Law, Life

कल तस्वीर में मैं रहूँ, न रहूँ ।10 comments

Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष wrote 2 months ago: मेरी पीठ पीछे, शाम तुम ढली जाती हो, मैं जानता हूँ कि तुम चली जाती हो, फ़िसलते-लुढ़कते इस सूरज के साथ, … more →

Tags: कविता, हिन्दी, हिन्दी कविता, Hindi Poetry, Kavita

न्यायालय ५ बजे बन्द होता है3 comments

उन्मुक्त wrote 3 months ago: शैरन केलर (Sharon Keller) सबसे पहले १९९४ में टेक्साज़ अपीली न्यायालय की न्यायाधीश चुनी गयी थीं। वे इ … more →

Tags: कानून, विचार, हिन्दी, Capital Punishment, Family, hindi, Judge, Law, Life

अरे! ऐसा भी चित्र बनाया जा सकता है?6 comments

उन्मुक्त wrote 3 months ago: स्कॉट वेड गन्दी कार की खिड़कियों के शीशे में सुन्दर चित्र बनाते हैं। मैं नहीं समझता था कि कोई इस तरह … more →

Tags: हिन्दी, hindi

‘सत्यं वद, धर्मं चर, ...’ - तैत्तिरीय उपनिषद् के उपदेशात्मक मंत्र

योगेन्द्र जोशी wrote 3 months ago: अपने आरंभिक छात्रजीवन के समय संस्कृत पाठ्यपुस्तकों में मैंने “सत्यं वद । धर्मं चर ।… मातृदेवो … more →

Tags: उपनिषद्, नीति, वेद, Morals, UPANISHADA, ved, Anuvak, अनुवाक, तैत्तिरीय उपनिषद्

बुद्धवचनामृत, अश्वघोषविरचित बुद्धचरितम् से - ऐहिक संबंधों का अस्थायित्व 1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 3 months ago: प्राचीन संस्कृत साहित्य में ‘बुद्धचरितम्’ नामक एक काव्य उपलब्ध है । मेरे पास इसकी एक प्रति है, श्री … more →

Tags: अध्यात्म, नीति, संस्कृत-साहित्य, Philosophy, Ashvaghosh, अश्वघोष, जन्म-मृत्यु चक्र, जीवधारी, बुद्धचरितम्

‘उत्तिष्ठत जाग्रत ...’ - कठोपनिषद् का उपदेशात्मक वचन2 comments

योगेन्द्र जोशी wrote 4 months ago: स्वामी विवेकानंद के उपदेशात्मक वचनों में एक सूत्रवाक्य विख्यात है । वे कहते थे: “उत्तिष्ठत जाग्रत प् … more →

Tags: अध्यात्म, उपनिषद्, वैदिक भारत, संस्कृत-साहित्य, Philosophy, UPANISHADA, आत्मा, उत्तिष्ठत जाग्रत, कठोपनिषद्

शिक्षा पर ओशो के विचार 2 comments

hsonline wrote 4 months ago: इन दिनों शिक्षा व्यवस्था पर बहस छिड़ी हुई है। पूरा देश इस बात पर बहस कर रहा है कि दसवीं की परीक्षा हो … more →

Tags: Education(शिक्षा), Indian Education, osho

समकालीन दर्शन तथा उसकी प्रमुख समस्याएं4 comments

kashyap omprakash wrote 4 months ago: इस आलेख के शीर्षक के रूप में मैंने ‘समकालीन दर्शन तथा उसकी प्रमुख समस्याएं’ को चुना है. किंतु यह आरं … more →

महाभारत प्रकरण: यक्ष-युधिष्ठिर संवाद - महाजनो येन गतः सः पन्थाः1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 4 months ago: महाकाव्य महाभारत में ‘यक्ष-युधिष्ठिर संवाद’ नाम से एक पर्याप्त चर्चित प्रकरण है । संक्षेप में उसका व … more →

Tags: अध्यात्म, नीति, लोकव्यवहार, महाभारत, Philosophy, Morals, Mahabharata, पांडव, जीवधारी

भारतीय धर्म-दर्शन की परंपरा और भक्ति आंदोलन

kashyap omprakash wrote 4 months ago: भारतीय परंपरा में जीवन के चार पुरुषार्थ माने गए है. धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष. ये जीवन का मूल तत्व या … more →

Tags: भक्ति आंदोलन

लोभः पापस्य कारणम् (हितोपदेश) - लोभ से प्रेरित होती है ठगी

योगेन्द्र जोशी wrote 5 months ago: इधर कुछ दिनों से टीवी समाचार चैनलों पर ठगी के मामलों की चर्चा सुनने को मिल रही हैं । बताया जा रहा है … more →

Tags: नीति, संस्कृत-साहित्य, सूक्ति, हितोपदेश, Morals, महाभारत, लोभ, तृष्णा, Mahabharata

हाय, यह क्या किया - मेरा दिल ही टूट गया5 comments

उन्मुक्त wrote 5 months ago: किशोरावस्था में कदम रखते रखते मैंने, शायद हम सब ने,  आर्ची कॉमिक्स पढ़ना शुरु कर दिया। कॉमिक्स पढ़ने … more →

Tags: विचार, सूचना, Archie, Archie Comics, Comic

संत कबीर वाणी-मूर्ख लोग सभी की पीड़ा एक समान नहीं मानते

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पीर सबन की एकसी, मूरख जाने नांहि अपना गला कटाक्ष के , भिस्त बसै क्यौं नांहि संत शिरोमणि कबीरदास जी क … more →

Tags: alekh, आलेख, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम, bharat, Deepak bharatdeep, dharm


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