महाकाव्य महाभारत में ‘यक्ष-युधिष्ठिर संवाद’ नाम से एक पर्याप्त चर्चित प्रकरण है । संक्षेप में उसका विवरण यूं है: पांडवजन अपने तेरह-वर्षीय वनवास पर वनों में विचरण कर रहे थे । तब उन्हें एक बार प्यास बुझ… more →
विचार संकलनयोगेन्द्र wrote 4 days ago: महाकाव्य महाभारत में ‘यक्ष-युधिष्ठिर संवाद’ नाम से एक पर्याप्त चर्चित प्रकरण है । संक्षेप में उसका व … more →
kashyap omprakash wrote 5 days ago: भारतीय परंपरा में जीवन के चार पुरुषार्थ माने गए है. धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष. ये जीवन का मूल तत्व य … more →
योगेन्द्र wrote 3 weeks ago: इधर कुछ दिनों से टीवी समाचार चैनलों पर ठगी के मामलों की चर्चा सुनने को मिल रही हैं । बताया जा रहा है … more →
उन्मुक्त wrote 3 weeks ago: किशोरावस्था में कदम रखते रखते मैंने, शायद हम सब ने, आर्ची कॉमिक्स पढ़ना शुरु कर दिया। कॉमिक्स पढ़न … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: पीर सबन की एकसी, मूरख जाने नांहि अपना गला कटाक्ष के , भिस्त बसै क्यौं नांहि संत शिरोमणि कबीरदास जी क … more →
योगेन्द्र wrote 1 month ago: ‘सत्यमेव जयते’ भारत सरकार द्वारा शासकीय प्रतीक-वाक्य के तौर पर अपनाया गया सूक्त है, जिससे बहुत से लो … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: निर्धनं पुरुषं वेश्या प्रजा भग्नं नृपं त्यजेत्। खग चीतफल वृक्षं भुक्त्वा चाऽभ्यागता गृहम्।। हिंदी मे … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: यानाश्य्यासनान्यस्य, कूपोद्यान ग्रह्यणि च। अदत्तान्युपयु´्जानः एनसः स्वात्तुरीभाक्।। हिंदी में भावार … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: सिहों के लेहैंड नहीं, हंसों की नहीं पांत लालों की नहीं बोरियां, साथ चलै न जमात संत शिरोमणि कबीर दास … more →
योगेन्द्र wrote 2 months ago: यह नितांत सत्य है कि सभी जीवधारियों का भौतिक अस्तित्व पदार्थमूलक है, अर्थात् उनके अस्तित्व की अनुभूत … more →
उन्मुक्त wrote 2 months ago: यह चिट्ठी रिश्तों के बारे में है, उनसे निकलती खुशबू, जीवन के भावात्मक पहलू दर्द, प्रेम, मित्रता के … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: हिंदी में विभिन्न कालों की चर्चा बहुत रही है। सबसे महत्वपूर्ण स्वर्णकाल आया जिसमें हिंदी भाषा के लि … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: रहिमन राम न उर धरै, रहत विषय लपटाय पसु खर खात सवाद सों, गुर बुलियाए खाय कविवर रहीम कहते है कि भगवान … more →
योगेन्द्र wrote 3 months ago: आत्मा-परमात्मा जैसी सत्ताएं होती हैं या नहीं इस बारे में मेरी कोई भी धारणा नहीं बन सकी है । कदाचित् … more →
योगेन्द्र wrote 3 months ago: महाकाव्य महाभारत के परिचयात्मक प्रथम अध्याय में ‘काल’ यानी समय की महिमा का वर्णन किया गया है । इस अध … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: अभी हाल ही में दक्षिण एशिया के देशों का एक साहित्यकार सम्मेलन संपन्न हुआ। इसमें भारत, पाकिस्तान,श्री … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 4 months ago: षड्दर्शन उन भारतीय दार्शनिक एवं धार्मिक विचारों के मंथन का परिपक्व परिणाम है जो हजारों वर्षो के चिन … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: हिंदी भाषा के महान कवि हरिबंशराय बच्चन ने मधुशाला लिखी थी। अनेक लोगों ने उसे नहीं पढ़ा। कई लोग ऐसे ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: मंदी से बाजार के ताकतवर सौदागर अधिक परेशान हो गये हैं। सभी जानते हैं कि प्रचार माध्यमों पर कही अप्र … more →