दबे कदमो से सब से छुपते छुपाते आज चाँद उतर आया मेरे आँगन । सुना था कि,चाँद में दाग होता है । हां ,दाग तो था , पर, वो उसकी खूबसूरती को ओर भी बढा रहा था। मैं उसकी आभा में ऐसी खोई, कि एकटक उसे निहारती ह… more →
कुछ िदल सेkmuskan wrote 11 months ago: दबे कदमो से सब से छुपते छुपाते आज चाँद उतर आया मेरे आँगन । सुना था कि,चाँद में दाग होता है । हां ,दा … more →