श्रद्धांजलि आज बहुत दिन बाद कुछ वक्त मिला है तो लिखने की ज़रुरत महसूस हो गयी | शायद खालीपन मुझे पसंद नहीं या कुछ करते रहने की अदा बन गयी है | मैं सपनो अहम् मानता हूँ | हमारी चाहत, डर, पूरानी यादें, सप… more →
Nitin JalanKrishna Kumar Mishra wrote 1 month ago: डांडी मार्च "फ़ोटो साभार के० एल० कामत" नमक कानून के साथ टूटा एक मिथक “बिन्नियों वाला … more →
mequitnever wrote 8 months ago: श्रद्धांजलि आज बहुत दिन बाद कुछ वक्त मिला है तो लिखने की ज़रुरत महसूस हो गयी | शायद खालीपन मुझे पसंद … more →