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Blogs about: दिल से दिल की बात

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श्वेत मखमली चादर मे...1 comment

Nidhi KM wrote 16 hours ago: फैली-पसरी, श्वेत मखमली चादर मे, एक ही रंग दिखता है, श्वेत-श्याम एक-दूजे संग, देखो कितना जचता है … more →

Tags: कविताएँ, गुलाबी ठंड, चादर, ठंड, तुम्हारे, प्यार, मखमली, रंग, श्वेत

तुम मेरी ज़िंदगी मे3 comments

Nidhi KM wrote 2 weeks ago: मुझे नही पता, कब-कैसे तुम, मेरी ज़िंदगी मे आए, पता है तो, बस इतना, तुम्हारे आने से, हर मौसम को जिया … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, गर्मी, ज़िंदगी, ठंडक, तन-मन, तपन, तुम, तुम्हारे

बहुत कोशिश की5 comments

Nidhi KM wrote 1 month ago: कदमों से कदमों को, मिलाने की बहुत कोशिश की, कभी मैं आगे बढ़ गयी, कभी तुम पीछे रह गये, बातों को बातों … more →

Tags: कविताएँ, कदम, कभी, कोशिश, तुम, निधि, मन, मैं, विचर

तुम 7 comments

Nidhi KM wrote 2 months ago: तुम बहुत मीठा बोलते हो, हर शब्द को, चाशनी मे घोलते हो, मिशरी की तरह, रस घोलते हो, न कड़वा बोलते हो, … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, कड़वा, तीर, तुम, मीठा, शब्द, सच, हिंदी कविता

अब1 comment

Nidhi KM wrote 3 months ago: 1) पहले :- बिन दस्तक, बिन आहट के, तुम मेरे दिल तक आए, कुछ यूँ समाए की, दूजी, सारी दस्तकें, सारी आहटे … more →

Tags: कविताएँ, आवाज़, आहत, तुम, तुम्हारी, दरवाज़े, दस्तक, दिल, दूर

तेरे इंतज़ार मे...2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: हम तेरे इंतज़ार के आदि है, ये जानकार तुम, ना जाने कब तक इंतज़ार कारवाओगे? इस इंतज़ार मे ही जीना है, … more →

Tags: कविताएँ, छनिकाएँ, आदि, इंतज़ार, तेरे, हम, हिंदी कविता, Blessings, hindi kavita

चाहे जले हमारा जहाँ 2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: चाहे जले हमारा जहाँ, रौशन रहे उनका जहाँ, जहाँ रहे चाहत हमारी… न आए उन पर, कोई भी आँच, जहां की … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, किस्मत, खुशि, तुम्हे, दुआ, रौशन, हम

तुम कोई नाम न देना3 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: जिसको जो कहना हो, उसको वो कहने देना, मेरी प्रीत को, प्रीत “निधि” की रहने देना, तुम कोई न … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, Social, तुम, नाम, निधि, प्रीत, हिंदी कविता, Blessings

~ मैं नदी थी ~3 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: मैं नदी थी प्यासी सी तुम सागर से मिलने चली थी मिलकर सागर मे ये जाना मैं ही अकेली, प्यासी नही थी सागर … more →

Tags: कविताएँ, nidhi, nablopomo09, मैं, तुम, प्यासे, सागर, नदी, Love

वो मेरा दिल नही होगा2 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: बारीशों मे भीगे जो, बादल से बरसे जो, कारण से धड़के जो, यादों मे रोए जो, वो मेरा दिल नही होगा… … more →

Tags: कविताएँ, Social, nidhi, nablopomo09, दिल, बारिश, याद, बादल, Love

तेरी ज़िंदगीं में कभी1 comment

Nidhi KM wrote 5 months ago: तेरी ज़िंदगीं में कभी, धूप की तपन  न हो, हो ज़रा भी आशंका, मेरा आंचल, तेरे सर पर हो, तेरी राहों मे क … more →

Tags: कविताएँ, आशीर्वदों का, कारवाँ तेरे संग चलते, nidhi, nablopomo09, कामना, खुशि, दुआ, Love

मैं अब जीने लगी हूँ...2 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: कुतर दिए है, पंख अपने, जिनसे उँची उड़ान भारी थी, नील गगन मे, स्वच्छन्द उड़ चली थी, तोड़ दिए है, सब स … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, nidhi, nablopomo09, सपने, मैं, पंख, जीने, Love

सच्चाई मे जीना,

Nidhi KM wrote 5 months ago: रिश्ता चुना था मैने, एक तेरा ही, इस दुनिया मे, अब उससे भी दूर होने का इरादा, तुमने जो जाता दिया, अच् … more →

Tags: कविताएँ, nidhi, तेरा, दूर, रिश्ता, इरादा, समय, गंवारा, सच्चाई

रूठों यूँ ना हमसे

Nidhi KM wrote 6 months ago: रूठों यूँ ना हमसे, ना जी पाएँगे हँस के… सज़ा यूँ ना दो हमे, आँसू भी ना गिरे पलक से… राह … more →

Tags: कविताएँ, nidhi, राह, Love, Blessings, Prayers, Wishes, Pain, हमे


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