Blogs about: दिल

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जब तुम साथ थे..1 comment

ambuj wrote 2 weeks ago: खुबसूरत थे वोह पल जब तुम साथ थे मासूम थे वोह पल जब तुम साथ थे नाज़ था हमे खुद पे जब तुम साथ थे जलते … more →

Tags: कविता, प्यार, यादें, Kavita, Poem, जब तुम साथ थे, दोस्ती, याद, jab tum sath the

दिल की ज़मीं पर

ravikul dharmendra wrote 1 month ago: दिल की ज़मीं पर जज़्बातों को दिल के मैंने, तुमसे अभी कहा नहीं है ! नाम तेरा दिल की ज़मीं , पर मैंने अभ … more →

Tags: ग़ज़ल, ज़मीं, जख़्म, मुहब्बत

नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही13 comments

विनय wrote 2 months ago: नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही मुझको मोहब्बत है’ तुम से ही नाज़ है तुम्हें’ थोड़ा ग़ुरूर मुझ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, आसाँ, इश्क़, कल, ग़ुरूर, दूरी, प्यार, बात, मुश्किल

हुआ है आज उनका फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़9 comments

विनय wrote 2 months ago: हुआ है आज उनका फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़ सुनने में आया है न करेंगे मुझे मुआफ़ उस ने एक भी मौक़ा न दिया मुझ को … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, against, ख़िलाफ़, मुआफ़, मौक़ा, रात, लिहाफ़, शिगाफ़, साफ़

वह मुस्कुराया और रूठा भी10 comments

विनय wrote 2 months ago: वह मुस्कुराया और रूठा भी वह सच्चा है और झूठा भी दूर था तो क़रीब था दिल के उसकी बात से दिल टूटा भी इक … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, Heart, क़रीब, झूठा, dream, Attraction, कशिश, Near

दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते9 comments

विनय wrote 4 months ago: दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते आँसू बहते हैं इतना छुपाये नहीं छिपते होता है कभी, शाम आती है चाँ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, चाँद, Heart, शाम, ख़ुदा, Separation, तस्व्वुर, मरासिम, आँसू

वह मुझसे बहुत नफ़रत करता है16 comments

विनय wrote 4 months ago: वह मुझसे बहुत नफ़रत करता है जाने सही करता है या ग़लत करता है वह मुझे नहीं चाहता, जानता हूँ मैं दिल फि … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, ग़लत, जानिब, नफ़रत, प्यार, मग़्फ़रत, मग्फ़िरत, मोहब्बत

यह सोज़गाह है कि मेरा दिल है8 comments

विनय wrote 4 months ago: यह सोज़गाह1 है कि मेरा दिल है मुझको जलाने वाला मेरा क़ातिल है जिसे देखकर उसे रश्क़2 आता है वह कोई और नह … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, हासिल, Heart, शामिल, दुनिया, क़ातिल, World, include, लहू

अपने 3 comments

kmuskan wrote 4 months ago: अपने जब दूर जाते है तो बहुत दर्द देते है पर अपने जब पास रह कर भी दूरिया बना लेते है … more →

Tags: Apne, अपने, आंसू, कसक, गम, ज़िन्दगी, दर्द, दूरिया, Blogroll

ख़ाब सब ख़ाब हैं आँखों में बिखरे हुए13 comments

विनय wrote 5 months ago: ख़ाब सब ख़ाब हैं आँखों में बिखरे हुए दिल के कोने-कोने तक छितरे हुए वह अब कहाँ बाक़ी जो था मुझमें मैं … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, इश्क़, Heart, Love, eyes, प्यार, मोहब्बत, चिन्गारी

उसने हमसे कभी वफ़ा न की7 comments

विनय wrote 5 months ago: उसने हमसे कभी वफ़ा न की और हमने भी तमन्ना न की बहुत बोलते हैं सब ने कहा सो आदत-ए-कमनुमा न की बहुत आये … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, उम्मीद, इश्क़, Heart, Love, आदत, Friendship, वफ़ा, तमन्ना

जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे14 comments

विनय wrote 6 months ago: जो मुझे होता है वह दर्द तुझ तक पहुँचे यूँ इस ख़ला की यह गर्द तुझ तक पहुँचे की है इस दिल ने सदा तुझसे … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, धूप, आलम, इश्क़, दर्द, Love, मौसम, प्यार, मोहब्बत

जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं11 comments

विनय wrote 6 months ago: जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं चाहने वाले बाज़ार में बिकते नहीं हैं ख़ुद से पराया ग़ैरों से अपन … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, वक़्त, चाह, दोस्त, लोग, Heart, time, याद, बाज़ार

चोरी-चोरी तुम मुझको देखती6 comments

विनय wrote 6 months ago: कभी कहीं हम-तुम मिलते, जब मिलते लड़ते-झगड़ते, बिगड़ते-बड़बड़ाते रूठते-मनाते और फिर चिढ़ते-चिढ़ाते कभ … more →

Tags: मेरा गीत, angry, आँखें, इश्क़, चिढ़ना, झगड़ना, प्यार, फूल, मनाना

यही तो ज़िन्दगी है 3 comments

kmuskan wrote 7 months ago: इक सपना टूटा आँख से आंसू बहा कुछ देर तक दिल बेचैन रहा उदास रहा पर फिर जैसे ख़ुद-ब-खुद सब ठीक हो गया … more →

Tags: Zindagi, आँख, आंसू, उदास, ज़िन्दगी, सपना, सुंदर, Blogroll, hindi

फिर वही दर्द, वही शाम है14 comments

विनय wrote 8 months ago: फिर वही दर्द, वही शाम है लबों पर फिर तेरा नाम है ज़िन्दा हूँ पर ज़िन्दगी नहीं सीने में साँसों का ताम-झ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, alive, अन्जाम, इम्तिहाँ, इश्क़, ग़ुलाम, जाँ, ताम-झाम, दर्द

मै दिल की दीवारों से निकल आया हूँ7 comments

Rohit Jain wrote 8 months ago: मै दिल की दीवारों से निकल आया हूँ मै ग़म के नज़ारों से निकल आया हूँ मुजरिमों कि क़तारों से निकल आया हूँ … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, Oct 2008, की, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

बच्चों की होम-वर्क डायरी3 comments

विनय wrote 8 months ago: कुछ रिश्ते होते हैं बच्चों की होम-वर्क डायरी की तरह हमने ग़म को पहना है दिल पर किसी ज़ेवर की तरह शायि … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Heart, Love, प्यार, मोहब्बत, Pain, रिश्ते, ग़म

हम सब के सच्चे दोस्त हैं4 comments

विनय wrote 8 months ago: हम सब के सच्चे दोस्त हैं हर दिल की बात समझते हैं उसकी ख़ुशी को हम अपने ख़ुशी के आँसुओं में रखते हैं … more →

Tags: रुबाइयाँ, ख़ुशी, इश्क़, दोस्त, Heart, Love, प्यार, मोहब्बत, Friendship


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