अंधेरे मे छुप गया चाँद मेरा, हुआ उदास न जाने क्यों दिल मेरा, जानता हूँ न तू मेरी और न मैं तेरा, दीदार-ऐ-यार को तरसे क्यों दिल मेरा, रौशनी की एक किरण उस पर आई, झलक देख क्यों न भरा दिल मेरा,… more →
मेरे दिल ने...Amarjeet Singh wrote 1 year ago: अंधेरे मे छुप गया चाँद मेरा, हुआ उदास न जाने क्यों दिल मेरा, जानता हूँ न तू मेरी और न मैं तेरा, दीदा … more →