तपती धूप मे , दुख के तूफ़ानों मे ग़म की परछाईयों मे , अंधेरी रातों मे भटकी हुई राहों मे , अनजानी मन्ज़िल मे तन्हाई की शामों मे , अकेली रातों मे सुख मे ना सही , दुख मे मुझे हमेशा अपने पास पाओगे… more →
NidhiKM...Dil Se...Life is not fair...You never know...Hai na...Tum jo bhi ho,sirf tumhare karana ho...Nidhi KM wrote 5 months ago: तपती धूप मे , दुख के तूफ़ानों मे ग़म की परछाईयों मे , अंधेरी रातों मे भटकी हुई राहों मे , अनजानी मन् … more →