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Blogs about: दुस्साहसवाद

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अक्टूबर क्रान्ति की मशाल बुझी नहीं है! बुझ नहीं सकती! 3 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: अक्टूबर क्रांति की ९२वीँ वर्षगांठ पर अब से ठीक 79 वर्ष पहले, 1917 में (पुराने कैलेण्डर के अनुसार अक् … more →

Tags: उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, क्रांति, पूंजीवादी संकट, फासिज्म, लेनिन, अक्टूबर क्रान्ति, इन्कलाब, बोल्शेविक

चुनाव या कोई अन्य इंकलाबी विकल्प 2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: इस ऑडियो द्वारा शहीद भगत सिंह विचार मंच ने भारत में होने वाले निरर्थक संसदीय ओर अन्य चुनावों के बारे … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, साम्राज्यवाद, वर्ग चेतना, इन्कलाब, संसदीय, संशोधनवाद

हम अब भी लालगढ़ में हैं - चत्रधर महतो

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: हम अब भी लालगढ़ में हैं, ऐसा कहना है लालगढ़ (पश्चिम बंगाल) के आदिवासी नेताओं का. मंगलवार, 30 जून को … more →

Tags: आंदोलन, पूंजीवादी संकट, आतंकवाद, उत्पादन के संबंध, उदारीकरण, कम्युनिस्ट पार्टी क, वर्ग चेतना, संशोधनवाद, समाज और संस्कृति

कांग्रेस की जीत…अफलातून और सुरेश चिपलूनकर… कुछ विशेष टिप्पणियों का सामान्य जवाब2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: कड़ी जोड़ने के लिए देखे : “कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते म … more →

Tags: दायित्वबोध, प्रतिबद्ध, लेनिन, आह्वान, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन

"कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर …की टिप्पणियों के प्रत्युत्तर में5 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: इस पोस्ट से सम्बंधित प्राप्त टिप्पणियों के पश्चात् यह ज़रूरी हो गया है कि इस विषय पर वाद-विवाद जारी … more →

Tags: दायित्वबोध, प्रतिबद्ध, लेनिन, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन

कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर ... 14 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: जिस देश का प्रधानमंत्री स्वयं स्वीकार करे की देश की 7० प्रतिशत जनता 20 या 20 रूपए से कम पर गुज़ारा कर … more →

Tags: भगत सिंह, लेनिन, आह्वान, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, मार्क्सवाद, फासिज्म, आतंकवाद, काले कानून

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-4

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: एजेण्डा पर कम्युनिस्ट क्रान्तिकारियों की एकता का सवाल : एक सर्वभारतीय पार्टी के गठन की ओर नक्सलबाड़ी … more →

Tags: क्रांति, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, आतंकवाद, विरासत, Maoism

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-32 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: तैयार होती ज़मीन, वह ऐतिहासिक विस्फोट और उसके बाद नवम्बर, 1964 में जब कलकत्ता के त्यागराज हॉल में पा … more →

Tags: क्रांति, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, आतंकवाद, विरासत, Maoism

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-2

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: निकट अतीत की पृष्ठभूमि : नक्सलबाड़ी-पूर्व दो दशकों के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट आन्दोलन नक्सलबाड़ी में क … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-1

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: एक सिंहावलोकन -दीपायन बोस कुछ चीज़ें धकेल दी गयी हैं अँधेरे में उन्हें बाहर लाना है, जड़ों तक जाना है … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद


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