दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज एक फोरम पर घूमते घामते अपने मित्र समीरलाल ‘उड़न तश्तरी” के ब्लाग पर पहुंच गया। उनका ब्लाग … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: विश्व में बहुत सारे अपराध होते हैं जिनमे हत्या, बलात्कार, डकैती तथा तस्करी आदि। यह संभव तो हो ही नही … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बदलते मौसम के साथ मन भी यूं बदल जाता है जैसे उसके साथ बंधे हों हाथ ग्रीष्म के जलती दोपहर में व्यग्रत … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जंगल के राजा शेर को उसके खुफिया प्रमुख सियार भाया ने दी खबर ‘महाराज आपके खिलाफ पूरे … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पुरानी धरोहर के विभाग में मची थी खलबली क्योंकि सर्वेसर्वा ने आजादी के दिन ऐक कार्यक्रम में कहा था ईम … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: उस आदमी ने मशहूर लेखक पर अनेक पत्थर फैंके हर बार यही कहता कि ‘यह तेरे उन शब्दों का बदला है … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: थका हारा आदमी काम से जब घर वापस लौटा तो सास-बहू में कोहराम मचा हुआ था बाप बाहर सिर पकड़े बैठा था त … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: शहर में गंदगी के ढेर देखकर अंग्रेज पर्यटक ने स्थानीय गाइड से पूछा -’ हमने सुना है जब हमार … more →