Blogs about: दृष्टिकोण
बड़ी मछली का छोटी पर शासन तो फिर भी रहा
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कार्ल मार्क्स ने कहा था कि इस दुनियां … more »
संत कबीर वाणी: पराई स्त्री से प्रेम करना लहसुन खाने के समान
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पर नारी का राचना, ज्यूं लहसुन की खान को … more »
संत कबीर वाणी:गाली से कलह, दु:ख और मृत्यु पैदा होती है
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: गारी ही सो उपजे, कष्ट और भीच हारी चले स … more »
गुरुनानक जी का सन्देश आज भी प्रासंगिक
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: आज गुरु नानक जी का जन्मदिन है। इसे प्र … more »
संत कबीर वाणी:जादू टोना सब झूठ है
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: जैसा भोजन खाइये, तैसा ही मन होय जैसा पा … more »
मनुस्मृति-राजा का कर्तव्य है धर्म की रक्षा करना
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: १.धर्मज्ञ राजा को जातियों, धर्मों, राज … more »
राम मिथक हैं तो यहाँ सत्य कौन है
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दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: राम अगर मिथक हैं तो यहाँ सत्य कौन है? शा … more »
रहीम के दोहे:हंसिनी चुनती है केवल मोती
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: मान सहित विष खाप के, संभु भय जगदीश … more »
चाणक्य नीति:असंयमित जीवन से व्यक्ति अल्पायु
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: 1.बुरे राजा के राज में भला जनता कैसे … more »
संत कबीर वाणी: ऐसे ही राम की सौगंध खाते हैं
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: आजकल के लोग हैं, मिलिके बिछुरी जाहिं ल … more »
इस ब्लोग की पाठक संख्या दस हजार के पार
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: आज दीपकबापू कहिन ने १० हजार पाठकों का … more »
आराम से उपजती पीडा
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: वाशिंगटन स्थित वर्ल्ड वॉच इंस्टीट्यू … more »
मूर्ति पूजा से भी होता है ध्यान जैसा लाभ
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: इस देश में आध्यात्म को लेकर दो धाराएं … more »
मनुस्मृति:दुस्साहसी को क्षमा राज्य के लिए ख़तरा
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: १.अपनी क्षीण वृति, अर्थात आय की कमी से त … more »
बेनजीर की वापसी और धमाके
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: बेनजीर की पाकिस्तान वापसी पर उनके सम … more »
देश में जनचेतना लाना जरूरी
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: आज एक चैनल पर विभिन्न मनोरंजक चैनलो … more »
नए समाज के निर्माण की पहल करें
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: भारत एक बृहद देश है और इसमें तमाम प्रक … more »
चाणक्य नीति:विवशता में करते हैं भक्ति का नाटक
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दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: 1.भंवर जब तक कमल दल के बीच रहता है तो … more »
असंतोष के सिंह तुम मांद में रहो-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: असंतोष के सिंह तुम मांद में रहो तुम्हा … more »
