जैसा भोजन खाइये, तैसा ही मन होय जैसा पानी पीजिये, तैसी वाणी होय संत शिरोमणि कबीरदास कहते हैं कि जैसा भोजन करोगे, वैसा ही मन का निर्माण होगा और जैसा जल पियोगे वैसी ही वाणी होगी अर्थात शुद्ध-सात्विक आहा… more →
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: ऐसा नहीं लगता कि निकट भविष्य में जाति पाति, धर्म, भाषा, और क्षेत्र के आधार पर बने समूहों के आपसी विव … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: यह प्रकाश पर्व है और इसी दिन लक्ष्मी जी की आराधना खुलकर की जाती है। वैसे तो लक्ष्मी का हर कोई भक्त ह … more →
Nishant wrote 6 months ago: मुंबई के अंतर्राष्ट्रीय एअरपोर्ट पर आप अधीरता से अपनी फ्लाईट की प्रतीक्षा कर रहे हैं. आपको भूख भी लग … more →
Nishant wrote 6 months ago: थॉमस अल्वा एडिसन के जन्मस्थान ग्रीनफील्ड गाँव में लगी उनकी मूर्ति अमेरिका के प्रान्त न्यू जर्सी के क … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: धरती फाटे मेघ मिलै, कपड़ा फाटे डौर तन फाटे को औषधि, मन फाटे नहिं ठौर संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं … more →
दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: जमीन पर आते हुए इंसान ने सर्वशक्तिमान से कहा ‘इस बार इंसान बनाया है इसके लिये शुक्रगुजार हूं पर मुझे … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सरवर के खग एक से, बाढ़त प्रीति न धीम पै मराल को मानसर, एकै ठौर रहीम अधिकतर पक्षी एक समान होते हैं। उ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कार्ल मार्क्स ने कहा था कि इस दुनियां को सबसे बड़ा सच रोटी है। आर्थिक ढंग से सोचने वालो ने उनकी इस ख … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: गारी ही सो उपजे, कष्ट और भीच हारी चले सो साधू हैं, लागि चले सो नीच संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं क … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज गुरु नानक जी का जन्मदिन है। इसे प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। मैं जब अपने देश के महापु … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जैसा भोजन खाइये, तैसा ही मन होय जैसा पानी पीजिये, तैसी वाणी होय संत शिरोमणि कबीरदास कहते हैं कि जैसा … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: १.धर्मज्ञ राजा को जातियों, धर्मों, राज्य के धर्मों, श्रेणी धर्मों(व्यवसाय के प्रकार से नियत धर्मों) … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: आज दीपकबापू कहिन ने १० हजार पाठकों का आंकडा पार कर लिया है. मेरे द्वारा बनाया जब यह ब्लोग बनाया गया … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: वाशिंगटन स्थित वर्ल्ड वॉच इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के मध्यम वर्ग में सुस्त और आश्रित … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: इस देश में आध्यात्म को लेकर दो धाराएं सदैव रहीं हैं. एक तो निर्गुण और निराकार ईश्वर की आराधना की प्र … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: बेनजीर की पाकिस्तान वापसी पर उनके समर्थकों द्वारा किया गया स्वागत और आतंकवादियों के विस्फोट दोनों ही … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: आज एक चैनल पर विभिन्न मनोरंजक चैनलों पर संगीत कार्यक्रमों में नृत्य और संगीत की प्रतियोगिताओं में कि … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: भारत एक बृहद देश है और इसमें तमाम प्रकार के समुदाय और समाज के लोग रह्ते है और यह कोई नयी बात नही है। … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: हिंदी के नए और मेरे जैसे फ्लॉप ब्लॉगरों के के पास यूनीकोड के रास्ते पर चलने के अलावा और कोई रास्ता न … more →