मैं दैनिक समाचारपत्र ‘हिन्दुस्तान’ (लखनऊ संस्करण) का नियमित पाठक हूं । इस समाचारपत्र के साथ सप्ताह में कुछएक दिन ‘रीमिक्स’ नामक परिशिष्ट भी पाठकों को मिलता है । इस परिशिष्ट को देखकर मुझे ऐसा लगता है क… more →
हिन्दी तथा कुछ और भीयोगेन्द्र wrote 8 months ago: मैं दैनिक समाचारपत्र ‘हिन्दुस्तान’ (लखनऊ संस्करण) का नियमित पाठक हूं । इस समाचारपत्र के साथ सप्ताह म … more →
योगेन्द्र wrote 8 months ago: गूगल (Google) की वेबसाइट पर हिन्दी-ग्रूप उपलब्ध है (पताः hindi@googlegroups.com), जिसके साथ उसके सदस … more →
योगेन्द्र wrote 8 months ago: देश की राजधानी दिल्ली में अपने अल्पकालिक प्रवास के बाद मेरे एक मित्र घर लौट आये । एक दिन संयोग से रा … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: अपने साथ भतीजे को भी फंदेबाज घर लाया और बोला ‘दीपक बापू, इसकी सगाई हुई है मंगेतर से रोज होती मोबाइल … more →
योगेन्द्र wrote 9 months ago: (पिछले चिट्ठे से आगे) अध्यापन के अपने जीवन में मेरा सर्वाधिक दिलचस्प अनुभव यह रहा कि विश्वविद्यालय स … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 10 months ago: अपभ्रंश, आधुनिक भाषाओं के उदय से पहले उत्तर भारत में बोलचाल और साहित्य रचना की सबसे जीवंत और प्रम … more →