देख़ो भारतवालो देख़ो, फ़िर आज़ तिरंगा छाया है। है पर्व देश का आज यहाँ, ये याद दिलाने आया है। रंग है केसरीया क्रांति का, और सफ़ेद है जो शांति का। हरियाला रंग है हराभरा, पैग़ाम देशकी उन्नति का। अशोकचक्र ने … more →
रज़िया "राज़""रज़िया" wrote 1 year ago: देख़ो भारतवालो देख़ो, फ़िर आज़ तिरंगा छाया है। है पर्व देश का आज यहाँ, ये याद दिलाने आया है। रंग है के … more →
"रज़िया" wrote 1 year ago: तैयार सिपाही हो जा सरहद ने दी आवाज़, तैयार सिपाही हो जा। दुश्मन ना आया बाज़ ‘ तैयार सिपाही … more →
"रज़िया" wrote 1 year ago: मेरे वतन मेरे वतन,मेरे वतन, मेरे वतन हिंदोस्ताँ। अपना गगन, अपना चमन, अपना वतन हिंदोस्तां। गाते रहे … more →