Blogs about: देश विदेश
बेनजीर की हत्या:पाकिस्तान का भविष्य भी दाव पर
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: आखिर आतंकवादियों ने बेनजीर को मौत की न … more »
चाणक्य नीति:असंयमित जीवन से व्यक्ति अल्पायु
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: 1.बुरे राजा के राज में भला जनता कैसे … more »
आराम से उपजती पीडा
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: वाशिंगटन स्थित वर्ल्ड वॉच इंस्टीट्यू … more »
कौटिल्य अर्थशास्त्र:दुष्ट के साथ संधि न करें
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: 1. दूर्भिक्ष और आपत्तिग्रस्त स्वयं ही … more »
शाश्वत सत्य के रुप हैं राम
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: राम हैं एक काल्पनिक पात्र है आ रहे रोज … more »
तू तो हैं हिन्दी का सेवक
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: हिन्दी दिवस पर लोगों के सुने उदगार लेख … more »
राम तो राजा थे
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: कोई पूछता है कि रामजी ने इंजीनियरिंग … more »
अपनी भाषा के लिये किसी का मोहताज न होना
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: हिन्दी दिवस पर कई लोग बोले हिन्दी की द … more »
यह मौसम पिकनिक का है?
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: हिंदी के मूर्धन्य कवियों … more »
सचिव हो तो ऐसा
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: वर्षा का मौसम आते ही मदद करने वाल … more »
भ्रष्टाचार शिरोमणि
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: बिना लिये किसी फ़ाइल को हाथ तक कभी नही ल … more »
भौतिक विकास के साथ मानसिक विकास भी जरूरी
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: चारों तरफ विकास का इस तरह शोर मचा हुआ ह … more »
माया और मय के खेल में सिद्ध भी फेल हो जाएँ
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: शादी-ब्याह में लोग दूल्हा-दुल्हन की ज … more »
फ्रेंड्स डै बना छुट्टी का दिन
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: हमारे लिये तो रोज है दोस्तों का दिन आज … more »
कहीं अमेरिका तो कहीं भारत लगता है
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: यार , भारत को अमेरिका बना देने का तुम् … more »
गीत-संगीत का मोबाइल से क्या संबंध
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: मोबाइल का भला संगीत और गाने और बजाने स … more »
खेल सिफारिश का
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: कहीं से भी अपने काम के लिए मिल जाये क … more »
बेटा तू साधू या हीरो बनना
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: अब वह समय गया जब माँ कहती थी पढ़ जा बेट … more »
वाह रे बाज़ार तेरा खेल
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: वाह रे बाज़ार तेरा खेल मैदान में पिटे … more »
