इन्सां भी हो गये हैं ख़ुदा आज दोस्तों ये है मोहब्बत का सिला आज दोस्तों ना इश्क़ ना इख़लास ना उम्मीद ना खुशी है ज़िंदगी जीने की सज़ा आज दोस्तों जो लब्ज़ उसके वास्ते निकले थे एक दिन वो लब्ज़ बन गये हैं दुआ आज … more →
इक शायर अंजाना सा...Amarjeet Singh wrote 1 year ago: जिंदगी दोस्तों के नाम कर दी, उनकी खातिर जान कुर्बान कर दी, मरने का हमे कोई गम नही, खुशी है दोस्तों क … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: इन्सां भी हो गये हैं ख़ुदा आज दोस्तों ये है मोहब्बत का सिला आज दोस्तों ना इश्क़ ना इख़लास ना उम्मीद ना … more →