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रहीम क दोहे- दिल लगाकर कम करें कामयाबी तय करें (rahim ke dohe)

दीपक भारतदीप wrote 4 days ago: रहिमन मनहि लगाईं कै, देखि लेहू किन कोय नर को बस करिबो कहा, नारायन बस होय कविवर रहीम के मतानुसार मन ल … more →

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रहीम दास के दोहे: पशु अपना हित करने वाला गुड़ कभी नहीं खाते

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: कविवर रहीम कहते हैं रहिमन आलस भजन में, विषय सुखहिं लपटाय घास चरै पसु स्वाद तै, गुरु गुलिलाएं खाय म … more →

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रहीम के दोहे: ख़ुशी के बदले ख़ुशी जरूर प्रदान करें

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: नाद रीझि तन देत मृग, नर धन हेत समेत ते रहीम पशु से अधिक, रीझेहु कछू न देत कविवर रहीम कहते हैं कि बां … more →

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रहीम संदेश: मुसीबत में भी दिल दिमाग पर काबू रखना चाहिए

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: सरवर के खग एक से, बाढ़त प्रीति न धीम पै मराल को मानसर, एकै ठौर रहीम अधिकतर पक्षी एक समान होते हैं। उ … more →

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संत कबीर वाणीः किताबें अधिक पढ़ने से तो योग करना ही ठीक

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: कबीर पढ़ना दूर कर, अति पढ़ना संसार पीर न उपजै, जीव की, क्यौं पावै करतार संत कबीर जी कहते हैं कि अधिक … more →

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संत कबीर संदेशः उपदेश देने से क्या लाभ जब सुनने वाले का दिमाग घर में न हो 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: संत शिरोमणि कबीरदास जी के अनुसार ————————— … more →

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रहीम संदेशःहंस के समान मानसिक रूप से दृढ़ होना चाहिए

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: सरवर के खग एक से, बाढ़त प्रीति न धीम पै मराल को मानसर, एकै ठौर रहीम अधिकतर पक्षी एक समान होते हैं। उ … more →

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संत कबीर वाणीः किसी काम के नहीं हों तो ऊंचे आदमी होने से क्या लाभ1 comment

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जोरे बड़ मति नांहि जैसे फूल उजाड़ को, मिथ्या हो झड़ जांहि संत शिरोमणि कबीरदास … more →

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कहने वाले का कहना ही है व्यापार-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: एक सपना लेकर सभी लोग आते हैं सामने दूर कहीं दिखाते हैं सोने-चांदी से बना सिंहासन कहते हैं ‘तुम उस पर … more →

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रहीम के दोहे:देता तो परमात्मा है किसी अन्य का भ्रम मत पालो1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: देनदार कोउ और है, भेजत सा दिन रैन लोग भरम पै धरे, वाते नीचे नैन कविवर रहीम कहते हैं कि इस जीवन में क … more →

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रहीम के दोहे:अपने मन की वेदना सबके सामने मत प्रगट करो

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन आंसुवा नैन ढरि, जिस दुख प्रगट करेइ जाहिं निकारो गेह तें, कस न भेद कहिं देइ कविवर रहीम कहते हैं … more →

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संत कबीर वाणी:टोना-टोटका सब झूठ है

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जंत्र मंत्र झूठ है, मति भरमो जग कोय सार शब्द जानै बिना, कागा हंस न होय संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते ह … more →

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संत कबीर वाणी:प्रपंची गुरूओं से कोई लाभ नहीं

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: शब्द कहै सौ कीजिये, बहुतक गुरु लबार अपने अपने लाभ को, ठौर ठौर बटपार संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं … more →

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कबीर संदेशःअहंकार होता है पतन का कारण

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मैं मेरी तू जनि  करै, मेरी मूल विनासि मेरी पग का पैखड़ा, मेरी गल की फांसि संत शिरोमणि कबीरदास जी कहत … more →

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रहीम के दोहे:मांगने से सम्मान कम होता है

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जानि अनीती जे करैं, जागत ही रह सोई। ताहि सिखाई जगाईबो, उचित न होई ॥ अर्थ-समझ-बूझकर भी जो व्यक्ति अन … more →

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रहीम के दोहे:मछली का जल प्रेम प्रशंसनीय 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मीन कटि जल धोइये, खाए अधिक पियास रहिमन प्रीति सराहिये , मुयेउ मीत कई आस कविवर रहीम कहते हैं के को म … more →

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रहीम के दोहे:मांगने से पद छोटा हो जाता है

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: धनि रहीम जल पंक को लघु जिय पिअत अघाय उदधि बढ़ाई कौन है जगत पिआसो जाय   जाय संत रहीम जल के महत्व का … more →

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कबीर वाणी:उसी धन का संचय करो जो आगे काम आये

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ‘कबीर’ मन फूल्या फिरै,करता हूँ मैं प्रेम कोटि क्रम सिरि ते चल्या, चेत न देखै भ्रम संत … more →

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