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Blogs about: धड़कन

हर शब्द कहने के पहले , बहुत बार सोचा...1 comment

Nidhi KM wrote 8 months ago: हर शब्द कहने के पहले , बहुत बार सोचा… हर कदम उठाने के पहले , बहुत बार रोका… हर धड़कन सुन … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., कदम, खोयाअरमान, तुमको, मदहोशी, रंग, रोका, रोया

यह मुनासिब नहीं मैं भुला दूँ तुझको2 comments

विनय wrote 1 year ago: यह मुनासिब नहीं मैं भुला दूँ तुझको तेरे सिवा कुछ होश नहीं है मुझको ना जाने कितने अजनबी गुज़रे हैं मेर … more →

Tags: मेरा गीत, अजनबी, आँखें, इश्क़, गीली, चेहरे, छुअन, जिस्म, दिल

ख़ुशबू बिछायी है राहों में4 comments

विनय wrote 1 year ago: ख़ुशबू बिछायी है राहों में तुम चले आओ, तुम चले आओ दिल बेक़रार है बहुत तुम चले आओ, तुम चले आओ मौसम बड़ … more →

Tags: मेरा गीत, आँचल, इश्क़, ख़ुशबू, गुल, गुलाबी, चेहरा, तरसाना, दिल

यह दिन प्यार का दिन है

विनय wrote 1 year ago: बहुत ख़ूबसूरत प्यार का दिन है जिसे चाहो दिल से, उसे पाने का दिन है रंग हैं चारों तरफ़, गुलाबों की ख़ु … more →

Tags: मेरा गीत, Accept, इश्क़, इज़हार, ख़ुशबू, ख़ुशियाँ, ख़ूबसूरत, गुलाब, चाहत

क्या वह तुम थे

विनय wrote 1 year ago: क्या वह तुम थे जो आँखों को महका गये तमन्ना दबी-सी मेरे दिल में सुलगा गये मैं कितना तन्हा फिर रहा था … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, इश्क़, NEED, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत

कुछ ऐसा ही होता है

विनय wrote 1 year ago: ज़ोर से दिल धड़कता है (हाँ धड़कता है) तूफ़ान साँसों में चलता है (हाँ चलता है) आँखें ठहर जाती हैं तस्वी … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, तूफ़ान, सपना

इक चाँद है आसमाँ में1 comment

विनय wrote 1 year ago: इक चाँद है आसमाँ में रोशन-रोशन दिल में है हर पल इक तड़पन सुन रहा हूँ दीवाने दिल की धड़कन चाँद जो वह … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Heart, Love, Frozen, light, गुल, दिल

जब प्यार किसी से होता है

विनय wrote 1 year ago: एक ख़ुशबू जाने कहाँ से आयी है कुछ दिनों से दिल पर छायी है शायद, शायद ऐसा तब लगता है जब प्यार किसी से … more →

Tags: मेरा गीत, अन्जाना, इश्क़, ख़ाब, ख़ुशबू, जाना-पहचाना, तमन्ना, दिल, नींद

चढ़ गयी रे मस्ती3 comments

विनय wrote 1 year ago: चढ़ गयी रे मस्ती चढ़ गयी रे चढ़ गयी रे तेरे हुस्न की मस्ती चढ़ गयी रे मस्ती चढ़ गयी रे तेरे हुस्न की … more →

Tags: मेरा गीत, हुस्न, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, सितारे, Fun

रोते हैं सब से छिपकर 2 comments

विनय wrote 1 year ago: जब-जब सनम तेरी यादें आती हैं कैसे कहें कितना तन्हा कर जाती हैं रोते हैं सब से छिपकर अँधेरों में ख़ुद … more →

Tags: मेरा गीत, Love, light, दिल, ख़ुशबू, फ़िज़ा, तूफ़ान, सपना, सखी

पहली बार देखा तुमको1 comment

विनय wrote 1 year ago: पहली बार देखा तुमको जाने क्या हुआ दिल की धड़कनों का हल्का-हल्का एहसास हुआ डूब गया मैं तेरी आँखों में … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, दर्द, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, वफ़ा, तस्वीर

दरिया किनारे वह लड़की बाल सँवारे1 comment

विनय wrote 1 year ago: दरिया किनारे वह लड़की बाल सँवारे क़दमों के निशाँ पर बहते हैं पानी के धारे दिल की ज़ुबाँ तो दीवाना दिल … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, दिल, प्यार, फ़िज़ा, मोहब्बत, चाहत, दीवाना

जैसे ज़िन्दगी वीरान है

विनय wrote 1 year ago: जैसे ज़िन्दगी वीरान है जैसे ज़िन्दगी बेनाम है तू मेरी बाँहों से दूर है तू निगाहों का नूर है, मेरे लिए … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, ज़िन्दगी, नूर, दूर, इश्क़, Love, प्यार, ख़ुशबू

हम सनम जब भी तुमसे मिलते हैं

विनय wrote 1 year ago: हम सनम जब भी तुमसे मिलते हैं तेरे दिल की धड़कनों को सुनते हैं लेकिन कुछ समझ में नहीं आता है तुमको दे … more →

Tags: मेरा गीत, वक़्त, चाँद, रंग, इश्क़, बेताब, Love, दिल, प्यार

गुज़रे जो मौसम हैं वह भी आयेंगे

विनय wrote 1 year ago: गुज़रे जो मौसम हैं वह भी आयेंगे तेरे नाम हमने जिन पर लिखे थे वह पत्ते जब हमें वापस मिल जायेंगे नया सफ़ … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, मौसम, दिल, प्यार, मोहब्बत, सफ़र, पत्ते, सिफ़र

कल हमसे मिलीं थी जो

विनय wrote 1 year ago: वही हैं वह, वहीं हैं वह वही हैं वह, हाँ-वहीं हैं वह कल हमसे मिलीं थी जो हमने जब पूछा था उनसे वह हँसक … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, दिल, प्यार, मोहब्बत, रेगिस्तान, बूँदें

मेरा दिल धड़का साँसें रुक गयीं1 comment

विनय wrote 1 year ago: मेरा दिल धड़का साँसें रुक गयीं मैं चलता रहा निगाहें थम गयीं यह दिल गया कोई ग़म नहीं लेकिन मोहब्बत नशा … more →

Tags: मेरा गीत, दिल, प्यार, मोहब्बत, चाँदनी, नशा, सपना, पूनम

वक़्त गुज़रा किया पल-पल आदतन

विनय wrote 2 years ago: मैं ईज़ा1 में पड़ा नदामत2 को तड़पता रहा जैसे शोला बुझती आग में भड़कता रहा मैं कमरे में बैठा खोया रहा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, वक़्त, Heart, time, eyes, Moment, दिल, दरवाज़ा, नाम

और इक आह की ख़लिश देती है

विनय wrote 2 years ago: रूह बहुत बेक़रार’ बहुत बेकल है इस जिस्म से छुटकारा चाहती है अगर तुम न मिली मुझको… यह बेक़र … more →

Tags: मेरी नज़्म, इश्क़, गिरह, Love, eyes, प्यार, मोहब्बत, Pain, साँस


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