Blogs about: धड़कन
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यह दिन प्यार का दिन है
बहुत ख़ूबसूरत प्यार का दिन है जिसे चाहो दिल से, उसे पाने का दिन है रंग हैं चार… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
यह दिन प्यार का दिन है
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: बहुत ख़ूबसूरत प्यार का दिन है जिसे चाह … more »
जब कभी मैंने साँस ली
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: जब कभी मैंने साँस ली साथ तेरे नाम की फा … more »
तुम मेरे हो
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम मेरे हो, मेरे ही मेरे हो कितनी हों द … more »
आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं … more »
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ ग … more »
आँखों में आँसू नहीं आते
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: आँखों में आँसू नहीं आते क्योंकि मैं जा … more »
नग़मे खिलने लगे हैं
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: नग़मे खिलने लगे हैं नज़्म महकने लगी है … more »
वह तो कमाल है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: वह तो कमाल है, इक वबाल है ज़ुल्फ़ों में जि … more »
क्या वह तुम थे
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: क्या वह तुम थे जो आँखों को महका गये तमन … more »
कुछ ऐसा ही होता है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ज़ोर से दिल धड़कता है (हाँ धड़कता है) तूफ़ … more »
चुपके से दिल को दिया
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: चुपके से दिल को दिया चुपके से दिल को लि … more »
प्यार से मुझे प्यार चाहिए
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: प्यार से मुझको प्यार चाहिए गुलाबी लबो … more »
मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा एक दफ़ … more »
आज फिर आसमाँ पे
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: आज फिर आसमाँ पे देखा चाँद, गुलाबी चाँद … more »
इक चाँद है आसमाँ में
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: इक चाँद है आसमाँ में रोशन-रोशन दिल में … more »
जब प्यार किसी से होता है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: एक ख़ुशबू जाने कहाँ से आयी है कुछ दिनो … more »
चढ़ गयी रे मस्ती
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: चढ़ गयी रे मस्ती चढ़ गयी रे चढ़ गयी रे त … more »
रोते हैं सब से छिपकर
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: जब-जब सनम तेरी यादें आती हैं कैसे कहें … more »
पहली बार देखा तुमको
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विनय प्रजापति wrote 3 months ago: पहली बार देखा तुमको जाने क्या हुआ दिल … more »
