पूर्ववर्ती कड़ी कड़वी ‘करी’(भाग – 1) से आगे . . माइग्रेशन के तार सभ्यता के विकास से जुड़े हुए हैं। बड़ा अजीब है कि आधुनिक सभ्यता को विकास का लांचिंग झटका भी एक अलग ढंग के माइग्रेशन से ही मिला। यह लुटे… more →
वर्ड प्रेस पर आलसीरवि कुमार, रावतभाटा wrote 3 months ago: आसमान फिर सिमट रहा है (a poem by ravi kumar, rawatbhata) आसमान जब भी उतरता है धरा पर उसके पास होते ह … more →
विनय wrote 1 year ago: ख़ुशबू बिछायी है राहों में तुम चले आओ, तुम चले आओ दिल बेक़रार है बहुत तुम चले आओ, तुम चले आओ मौसम बड़ … more →