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Blogs about: धर्म

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विदुर नीति-अर्थ प्राप्ति के लिए धर्म का पालन करें (arth aur dharm-hindu adhyamik sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 10 hours ago: यस्यात्मा विरतः पापाद कल्याणे च निवेशितः। तेन स्र्वमिदं बुद्धम् प्रकृतिर्विकृतिश्चय वा।। हिंदी में भ … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, कविता, मस्त राम, मस्तराम, संपादकीय

भर्तृहरि नीति शतक-भक्ति को धंधे की तरह न करें (bhakti ko dhandha n samjhen-hindu sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 10 hours ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि —————————— क … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, आलेख, आस्था, दीपक भारतदीप, हिंदी पत्रिका, हिन्दू, bharat, darshan

शरीर और मन से विकार निकालने का सबसे अच्छा उपाय है योग साधना (yogsadhna-hindi lekh)

दीपक भारतदीप wrote 10 hours ago: अक्सर लोग योग साधना को केवल योगासन तक ही सीमित मानकर उसका विचार करते हैं। जबकि इसके आठ अंग हैं। योगा … more →

Tags: aritile in hindi, दीपक भारतदीप, मस्त राम, हिंदी आलेख, हिन्दी, Deepak bharatdeep, Friends, Hindi writing, hindu darashan

चाणक्य नीति-संतोष से ही अमृत मिलता है

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: संतोषाऽमृत-तुप्तानां यत्सुखं शान्तचेतसाम्। न च तद् धनलूब्धानामितश्चयेतश्च धावताम्।। हिंदी में भावार् … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, समाज, सूचना, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, अध्यात्म, ज्ञान

भर्तृहरि नीति शतक-क्षमा करती है कवच की तरह काम

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: क्षान्तिश्चत्कवचेन किं किमनिरभिः क्रोधीऽस्ति चेद्दिहिनां ज्ञातिश्चयेदनलेन किं यदि सहृदद्दिव्यौषधं कि … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi abhivyakti, hindi bhasha

हिंदी आध्यात्मिक सन्देश-बेकार के कम न करें तो ही ठीक (vidur niti-bekar kam n karen)

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: तथैव योगविहितं यत्तु कर्म नि सिध्यति। उपाययुक्तं मेधावी न तव्र गलपयेन्मनः।। हिंदी में भावार्थ-अच्छे … more →

Tags: हिन्दी, चिंतन, अध्यात्म, अभिव्यक्ति, jagran, India, अनुभूति, शब्द, Deepak bharatdeep

धर्म का अधिकार

Gaizabonts wrote 3 weeks ago: मंदिर के सामने उनका दफ्तर रस्ते के इस पार मंदिर और उस पार उनका दफ्तर वे जो बन बैठे है हमारे धर्म के … more →

Tags: भगवान, भाव, मूर्ति, समाज, हिंदी, अधिकार, मंदिर, राजनीती

आज श्री गुरुनानक जी की जयंती है-हिंदी लेख (shri guru nanak jayanti prakash and parva-hindi article

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: आज श्री गुरुनानक देव जी का 541वां प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। सच तो यह है कि समाज को अमृत संदेश देन … more →

Tags: हिन्दी, adhyatm, गुरुनानक जयंती, प्रकाशपर्व, सिख, हिन्दू, Guru Nanak Dev, gurugranth

कौटिल्य दर्शन-दोस्त और दुश्मन दो प्रकार के होते हैं (kautilya darshan-dost aur dushman)

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: सहज कार्यजश्वव द्विविधः शत्रु सच्यते। सहज स्वकुलोत्पन्न कार्यजः स्मृतः। हिंदी में भावार्थ-शत्रु दो प … more →

Tags: हिन्दी, चिंतन, अध्यात्म, अभिव्यक्ति, jagran, alekh, abhivyakti, adhyatm, Internet

संत कबीरदास-धर्म का आशय कौन जानता है (dharm ka ashaya-kabirdas ji

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: कहै हिन्दु मोहि राम पिआरा, तुरक कहे रहिमाना। आपस में दोऊ लरि-लरि मुए, मरम न कोऊ जाना।।संत शिरोमणि कब … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, समाज, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, adhyatm

घादा जमशीर की लड़ाई2 comments

Sunil Deepak wrote 1 month ago: घादा जमशीर (Ghada Jamshir) बहरेन की रहने वाली हैं और उन्होंने स्त्री अधिकारों की माँग के लिए एक संस् … more →

Tags: समाज, मानव-अधिकार

संत कबीरदास के दोहे-अपनी तारीफ और दूसरे की बुराई न करें (kabir ke dohe-apne tarif aur doosre ke burai na karen)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आपन को न सराहिये, पर निन्दिये न नहिं कोय। चढ़ना लम्बा धौहरा, ना जानै क्या होय।। संत शिरोमणि कबीरदास ज … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, Hindi Blogging, Hindi Education

रहीमदास के दोहे-अपने मन की बात दूसरे को न बताएं (apne man ki bat-rahim das ke dohe)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: रहिमन निज मन की, बिथा, मन ही राखो गोय। सुनि अठिलैह लोग सब, बाटि न लैहैं न कोय।। कविवर रहीम कहते हैं … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, adhyatm, जागरण, संदेश, समाज

मनु स्मृति-योग्य आदमी से अच्छे संबंध बनाएं (manu smriti-yogya admi)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मनु महाराज कहते है कि ——————————— … more →

Tags: अध्यात्म, आलेख, कला, मनोरंजन, मस्तराम, समाज, हिन्दी, bharat, Chanakya

चाणक्य नीति-पवित्र काम मन लगाकर पूरा करें (pavitra kaam-chankya niti in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ————————- धनहीनो न ही … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आदमी, आध्यात्म, चाणक्य, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, शिक्षक, हिन्दी

संत कबीर के दोहे-कष्ट और कलह की जड़ है गाली देना (gali dena galat-kabir ke dohe

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आवत गारी एक है, उलटत होय अनेक। कहैं कबीर नहिं उलटिये, वही एक की एक।संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं क … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, कबीर, कला, मस्तराम, समाज, हिंदी पत्रिका, हिन्दी

यही है इस समय का सबसे बड़ा धर्म22 comments

रवि कुमार, रावतभाटा wrote 1 month ago: यही है इस समय का सबसे बड़ा धर्म ( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhta ) यहां-वहां कई जगह आजकल बर … more →

Tags: कविता-पोस्टर, कविता

भर्तृहरि नीति शतक-कविताओं से बहकाया जाता है (hindi santdesh-kavitavon se bharam

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ————————- सत्यत्वे न शशा … more →

Tags: Hindi knowledge, Hindi Darshan, Hindu darshan, Hindu culture, hindu dharm, hindi abhivyakti, hindi chating, hindi megzine, hindi thinking

बुढ़ापे में कुछ नहीं सीख सकते-हिन्दू अध्यात्मिक संदेश (In old age can not learn anything - Hindu spiritual message)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि —————— यावत्स्वस्थमिदं शरीरमरुजं याव … more →

Tags: aritile in hindi, दीपक भारतदीप, मस्त राम, समाज, हिन्दी, Deepak bharatdeep, hindu darashan, hindu dharm, hindu thinking


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