पता है मंजिले , राह अनजान है पर चलते ही रहना बस तेरी शान है , डगमगाते क़दमों को थाम न तू मुश्किलों से झूझना तेरी पहचान है , अनजानी राहों के चेहरे तो देख नए भी नही , न ही अनजान है, तो कदम से मिला कदम ब… more →
वाणीAlok Kumar wrote 4 months ago: पता है मंजिले , राह अनजान है पर चलते ही रहना बस तेरी शान है , डगमगाते क़दमों को थाम न तू मुश्किलों स … more →
Alok Kumar wrote 1 year ago: कल हमने एक रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता रखी थी, जिसमें एक अनपढ़ नेता रामप्रसाद जी को परमाणु करार के बार … more →