अब तक तेरे प्यार मे सिर्फ गम ही मिले हैं, पर तेरा नजराना समझ उसे दामन में कैद किये हैं, आँसु जो बेताब हैं आखो से निकलने के लिए, उसे प्यार की निशानी मान आँखों मे रोके हुये हैं | ………… more →
Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: अब तक तेरे प्यार मे सिर्फ गम ही मिले हैं, पर तेरा नजराना समझ उसे दामन में कैद किये हैं, आँसु जो बेता … more →
Tags: Shayari - Muqtak, कला, शेर, कविता, शुभाशीष, मुक्तक
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