Blogs about: नज़रिया

इन्सान जमीन पर कटते रहे-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: लुटता रहा पूरा शहर मगर लोग देखते रहे। ‘खराब ज़माना आ गया है’ एक दूसरे से बस यही कहते रहे। ‘बचाने के ल … more →

Tags: कविता, शायरी, व्यंग्य, भारत, Education, Internet, शब्द, web duniya, hindi sahitya

बहस की बजाय लोग लड़ना चाहते हैं -आलेख1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: बहस होना जरूरी है क्योंकि किसी भी सामाजिक,आर्थिक और धार्मिक विषय पर प्रस्तुत निष्कर्ष अंतिम नहीं होत … more →

Tags: inglish, अभिव्यक्ति, India, अनुभूति, हिंदी साहित्य, media, Education, Internet, Friends

यह तो है हिंदी का अंतर्जाल युग -आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हिंदी की विकास यात्रा का चार खंडों में बांटा जाता है और इसमें हमारे यहां सबसे अधिक भक्ति काल महत्वपू … more →

Tags: vews, inglish, vishwas, संपादकीय, अभिव्यक्ति, सूचना, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, Life

हिंदी-अंग्रेजी टूल बहुत दिलचस्प लगा-आलेख (2)

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हिंदी -अंग्रेजी अनुवाद टूल का मैं कल से उपयोग कर रहा देख रहा हूं तो उसमें सुखद आश्चर्य का अनुभव हो … more →

Tags: alekh, arebic, अभिव्यक्ति, कला, दीपक भारतदीप, देश-दुनिया, मस्तराम, मातृभाषा, व्यंग्य

लिखने वाले हिट्स की परवाह नहीं करते-आलेख 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मैं सोचता हूँ कि ब्लोगरों के विषय पर कम लिखूं पर रोज कोई न कोई ऐसी बात होती है कि मुझे अपनी पुरानी ल … more →

Tags: Blogroll, vews, हिन्दी, संपादकीय, Internet, arebic, Bloging, Urdu, Education

कुछ देर आत्ममुग्ध हो जाएं, ब्लोग पर लिख आयें-हास्य कविता 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आओ कुछ पल के लिए आत्ममुग्ध हो जाएं चलो अपने ब्लोग पर लिख आयें हमारे लिखने से ज़माना नहीं बदल जायेगा प … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, sher-o-shayree, कविता, शेर-ओ-शायरी, अभिव्यक्ति, शायरी, सूचना, हास्य व्यंग्य

ब्लाग पर त्रुटियों की तरफ ध्यान दिलाने वालों का आभार 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कुछ ब्लोगों में शब्द और वर्तनी की गलतिया आ जाती हैं. मैं खुद कई गलतियां कर जाता हूँ, यह स्वीकार करते … more →

Tags: Blogroll, हिन्दी, अभिव्यक्ति, सूचना, Internet, arebic, Bloging, Education, online jurnalism

चाणक्य नीति:जहाँ सम्मान न हो वह स्थान त्याज्य 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.किसी भी व्यक्ति का जहाँ सम्मान न हो उसे त्याग देना चाहिए. क्योंकि बिना सम्मान के मनुष्य जीवन जीने … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, चाणक्य, चिन्तन, दीपक भारतदीप, धर्म शास्त्र, शब्द, साहित्य, हिंदी आलेख

हास्य कविता -हिट- फ्लॉप के चक्कर में मत पडो2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वह प्रतिदिन हिट होने के नुस्खे सबको बताएं और शब्दों के डाक्टर कहलाये मरीज पढ़ते नुस्खा जब तक डाक्टर स … more →

Tags: Vichar, Kavita, शेर-ओ-शायरी, कविता, Thought, शायरी, shaayree, shayree, shairee

सच्चे भक्त बहकावे में नहीं आते

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कोई भी धर्म अपने अनुयायियों के विश्वास के बिना नहीं चल सकता , और उसके मुखिया अपना प्रभुत्व जमाने क … more →

Tags: Vichar, hindi, Kavita, दृष्टिकोण, Global Dashboard, dharm, कविता, inglish, विचार

गंदगी के ढेर भी काम आते हैं

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago:   शहर में गंदगी के ढेर देखकर  अंग्रेज पर्यटक ने स्थानीय  गाइड से पूछा -’ हमने सुना है जब हमार … more →

Tags: vews, hindi, देश-दुनिया, Public Blog, inglish, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, sher-o-shayree

नए और फ्लॉप लेखक हिट्स से विचलित न हौं

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: नये लेखक जिन्होंने अभी हाल ही में इंटर नेट पर लिखना शुरू किया है और जो पहले से ही लिख रहे हैं और म … more →

Tags: Vichar, hindi, Kavita, Global Dashboard, inglish, Thought, meadia, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य

यह है 'लेट संस्कृति'

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago:    ऐसा लगता है कि हमने पाश्चात्य सभ्यता को अपनाया पर कुछ लेट हो गये और यही कारण है कि कहीं न तो स्व … more →

Tags: Blogroll, vews, hindiblogroll, hindi, inglish, feature blog, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard

अपनी सुरक्षा अपने हाथ-hasya kavita

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: धन, पद और प्रतिष्ठा की शक्ति हो जाती है जिन पर मेहरबान क्यों न करे वह उस पर अभिमान इस जहां में सभी य … more →

Tags: Blogroll, vews, hindi, Public Blog, inglish, feature blog, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard

वाह रे बाज़ार तेरा खेल-hasya kavita

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वाह रे बाज़ार तेरा खेल मैदान में पिटे हीरो को कागज और फिल्म पर चमकाकर और सजाकर जनता के बीच देता है ठ … more →

Tags: Blogroll, vews, hindi, हिंदी, देश-दुनिया, देश-विदेश, Public Blog, inglish, feature blog

तुम्हारा अंतर्मन नहीं तो और कौन है-hindi shayri

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आँखें देखतीं हैं कान सुनते हैं और जीभ का काम है बोलना पर जो पहचान करे सुनकर जो गुने और जो श्रीमुख से … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, आचरण, आध्यात्म, कविता, गौरव, देश-दुनिया, देश-विदेश, धर्म

बच गया हेरी पॉटर

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बच गया हेरी पॉटर लोग जश्न मनाते हुए किताब खरीदने के लिए दुकानों पर लाईन में खडे हैं अपनी हकीकतों से … more →

Tags: Blogroll, vews, hindi, देश-दुनिया, Public Blog, inglish, feature blog, हिन्दी, Dashboard

फिर करना अभिमान

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: विदेशों में जाकर करें जो भारतीय अपना नाम क्यों करते हैं उनकी कामयाबी पर यहाँ पर हम बैठे अभिमान ग़ै … more →

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