ये उनका कातिल-ऐ-हुस्न, छीने मेरा चैन-ओ-सुकून, देख के नज़रे झुकाना, कयामत ढाए हम पे ज़माना, ये तेरी मस्त हँसी, जैसे कोई कली खिली, ये कातिल निगाहें, छीन के दिल ले जाए, देख के नज़रे चुराना, जैसे दिल मेरा … more →
मेरे दिल ने...Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ये उनका कातिल-ऐ-हुस्न, छीने मेरा चैन-ओ-सुकून, देख के नज़रे झुकाना, कयामत ढाए हम पे ज़माना, ये तेरी मस … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: जुदाई की घड़ी आई, नजरो से नज़रे टकराई, आँखो से वो ओझल हुई, वो मेरी नजरो से ओझल हुई, रेगिस्तान मे वर् … more →