सड़क के गढ्ढों मे, डोलता हुआ, आटो चला जा रहा था, एक स्टॉप मे, नवयुवती के चढ़ते ही, सारी नज़रे उस पर टिक गयी, कुछ मनचलों ने, दो-चार ओछे शब्द उस पर गढ़ दिए, जो ना बोल पा रहे थे, उनकी नज़रें ही, शब्दों क… more →
NidhiKM...Dil Se...Life is not fair...You never know...Hai na...Tum jo bhi ho,sirf tumhare karana ho...Nidhi KM wrote 1 month ago: सड़क के गढ्ढों मे, डोलता हुआ, आटो चला जा रहा था, एक स्टॉप मे, नवयुवती के चढ़ते ही, सारी नज़रे उस पर … more →
Nidhi KM wrote 3 months ago: 1) पहले :- बिन दस्तक, बिन आहट के, तुम मेरे दिल तक आए, कुछ यूँ समाए की, दूजी, सारी दस्तकें, सारी आहटे … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: सूरज की किरण मेरे चाँद से टकराई, तन बदन मे मेरे जैसे आग लग आई, उसने ली कुछ इस तरह से अंगडाई, फूलों स … more →