होटल के प्रांगण में चल रहा था जश्न झूम रहे थे लोग लिये डांडिया की स्टिक हांथों में, गहरी लिपस्टिक लगे हुए होठों पर फैली थी मुस्कान। डस्टबिन में पड़ी हुई थीं बहुत सारी आधी खाई हुई प्लेटें, यही होती ह… more →
बोधविकास परिहार wrote 1 year ago: होटल के प्रांगण में चल रहा था जश्न झूम रहे थे लोग लिये डांडिया की स्टिक हांथों में, गहरी लिपस्टिक लग … more →