सुबह बसस्टॉप के पास अलग ही कुछ हो गया। हुआ यूँ कि अच्छे व्यक्तित्त्व की धनी, आकर्षक पोषाक पहने बड़ा सा बैग कंधे पर लटकाए महाविद्यालय की एक छात्रा बस पकड़ने के लिए आ रही थी। सड़क पर बहुत भीड़ थी। साइकि… more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: सुबह बसस्टॉप के पास अलग ही कुछ हो गया। हुआ यूँ कि अच्छे व्यक्तित्त्व की धनी, आकर्षक पोषाक पहने बड़ा स … more →
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