कल लिखना तो चाहता था अपनी “नराई” के बारे में पर लिखते लिखते चिट्ठाजगत पर लिखने बैठ गया. कारण शायद ये रहा कि मुझे भी लगा यदि मैं किसी विषय विशेष पर लिखुं तो मैं भी किसी खांचे में ढाल दिया जाऊंगा और लोग… more →
हम भी हैं लाइन मेंkakesh wrote 2 years ago: कल लिखना तो चाहता था अपनी “नराई” के बारे में पर लिखते लिखते चिट्ठाजगत पर लिखने बैठ गया. कारण शायद ये … more →