नरेश सक्सेना की एक कविता फूल कुछ नहीं बताएंगे कितने फूलों से बनती है एक क्यारी कितनी क्यारियों से एक बगीचा और कितने बगीचों से बनती है एक शीशी इत्र की यह बताएंगे फूलों के व्यापारी फूल कुछ नहीं… more →
अनहद नादPRIYANKAR wrote 2 years ago: नरेश सक्सेना की एक कविता फूल कुछ नहीं बताएंगे कितने फूलों से बनती है एक क्यारी कितनी क्यारियो … more →
PRIYANKAR wrote 2 years ago: घास बस्ती वीरानों पर यकसां फैल रही है घास उससे पूछा क्यों उदास हो कुछ तो होगा खास कहां गए सब घोड़ … more →