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Blogs about: नव सर्वहारा पुनर्जागरण

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प्रकृति और जीवन प्रशिक्षण का इतिहास2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: कड़ी जोड़ने के लिए देखें : . प्रकृति और जीवन पद्धति जिस प्रकार लोग पृथ्वी पर फैलते गए उसी प्रकार पृथ् … more →

Tags: नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत, Anthropology, जीवन, पहरावा, संस्कृति, समाज और संस्कृति

आग्नेय अक्टूबर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: अक्टूबर क्रांति की ९२वीँ वर्षगांठ पर बोल्शेविकों ने विद्रोह की ज़ोरदार तैयारियाँ शुरू कीं। लेनिन ने क … more →

Tags: कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट, लेनिन, सर्वहारा, अक्टूबर क्रान्ति, इन्कलाब, बोल्शेविक

भोजन की खोज द्वारा दूसरी प्रकृति का निर्माण

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: पिछली बार हमने मानव की जैविक जरूरतों जैसे भोजन, आराम करना आदि के बारे में चर्चा की थी. अब हम इनपर एक … more →

Tags: नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत, Anthropology, दूसरी प्रकृति का निर, पहरावा, भोजन की खोज, संस्कृति, समाज और संस्कृति

संस्कृति की विभिन्नता और मानव का विकास - अंतिम किश्त 1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: इससे पहले : संस्कृति की विभिन्नता और मानव का विकास – दूसरी किश्त संस्कृति की विभिन्नता और मानव का वि … more →

Tags: नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत, समाज और संस्कृति, संस्कृति, पहरावा, खाना-पीना, दूसरी प्रकृति का निर, Anthropology

संस्कृति की विभिन्नता और मानव का विकास - दूसरी किश्त

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: ऑडियो और प्रथम किश्त के लिए यहाँ क्लिक करें : . भोजन पकाने की विधियों में भी नवजाति संस्कृति की विशे … more →

Tags: नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत, समाज और संस्कृति, संस्कृति, पहरावा, खाना-पीना, दूसरी प्रकृति का निर, Anthropology

संस्कृति की विभिन्नता और मानव का विकास

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: यह आलेख उपरोक्त पंजाबी ऑडियो का हिंदी रूपांतरण है संस्कृति है क्या ? संस्कृति दूसरी प्रकृति है. एक व … more →

Tags: नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत, समाज और संस्कृति, संस्कृति, पहरावा, खाना-पीना, दूसरी प्रकृति का निर

भोजन दी खोज द्वारा सभ्यता दे निर्माण (दूसरी प्रकृति दे निर्माण ) दा द्वंदात्मक भौतिकवादी इतिहास

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 3 months ago: फाइल डाउनलोडिंग लिंक फाइल साइज़ 6000 k समय 51 मिनट इस ऑडियो के हिंदी टेक्स्ट के लिए यहाँ देखें : . … more →

Tags: दायित्वबोध, नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, एंगेल्स, वर्ग चेतना, समाज और संस्कृति

न तो इतिहासग्रस्त, न ही इतिहास विमुख!2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, विरासत, Marxism, समाज और संस्कृति, कला, साहित्य, संस्कृति, लोकवाद

कला-साहित्य-संस्कृति में "लोकवाद" और "स्वदेशीवाद" का विरोध करो!1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: सर्वहारा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट, मार्क्सवाद, साम्राज्यवाद, विरासत, कविता, कार्ल मार्क्स, Karl Marx

दलित-प्रश्न और स्त्री-प्रश्न पर सही रुख अपनाओ!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: समाजवाद, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, संघर्ष, Marxism, कविता, उदारीकरण, जीवन, वर्ग चेतना

कला-साहित्य के क्षेत्र में सामाजिक जनवादी प्रवृत्तियों का विरोध करो! 3 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: समाजवाद, नव सर्वहारा प्रबोधन, हिन्दी नाटक, विरासत, कविता, संशोधनवाद, समाज और संस्कृति, वामपंथी, साहित्य

सांस्कृतिक मोर्चे पर व्यक्तिवाद, अराजकतावाद, उदारतावाद का विरोध करो!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: लेनिन, सर्वहारा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, विरासत, Marxism, उदारीकरण, माओ त्से तुंग, वामपंथी

वामपन्थी" कलावाद-रूपवाद और मध्यवर्गीय लम्पटता का विरोध करो!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: नव सर्वहारा प्रबोधन, संघर्ष, कविता, इन्कलाब, crisis of capitalism, समाज और संस्कृति, कला, साहित्य, संस्कृति

कला-साहित्य-संस्कृति के मोर्चे पर विचारधारात्मक संघर्ष

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, फासिज्म, साम्राज्यवाद, विरासत, Maoism, Marxism

नए सांस्कृतिक कार्यभारों की ज़मीन--- महत्तव्पूर्ण सामजिक-आर्थिक सरंचनागत परिवर्तनों और विश्व-ऐतिहासिक विपर्यय का यह दौर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट, मार्क्सवाद

कांग्रेस की जीत…अफलातून और सुरेश चिपलूनकर… कुछ विशेष टिप्पणियों का सामान्य जवाब2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: कड़ी जोड़ने के लिए देखे : “कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते म … more →

Tags: दायित्वबोध, प्रतिबद्ध, लेनिन, आह्वान, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट

"कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर …की टिप्पणियों के प्रत्युत्तर में5 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: इस पोस्ट से सम्बंधित प्राप्त टिप्पणियों के पश्चात् यह ज़रूरी हो गया है कि इस विषय पर वाद-विवाद जारी … more →

Tags: दायित्वबोध, प्रतिबद्ध, लेनिन, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत

अंतर्जाल, मार्क्सवाद और बौद्धिक वेश्यागमनी5 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: मार्क्सवाद के विकास के लिए ज़रूरी है कि मार्क्सवाद को विकसित करने में मार्क्सवादियों के अब तक के अवद … more →

Tags: प्रतिबद्ध, सर्वहारा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, कार्ल मार्क्स, वर्ग चेतना

स्वतंत्रता सेनानी और गदर पार्टी के आखिरी चिराग बाबा भगत सिंह बिलगा के निधन पर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: बाबा भगत सिंह बिलगा अपने 102वें वर्ष में स्वतंत्रता सेनानी और गदर पार्टी के आखिरी चिराग बाबा भगत सिं … more →

Tags: भगत सिंह, प्रतिबद्ध, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत, गदर पार्टी, भगत सिंह बिलगा, स्वतंत्रता संग्राम


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