यह कविता बाबा नागार्जुन ने इंदिरा गांधी की हिटलरी नीतियों के विरोध में लिखी थी. क्या हुआ आपको? क्या हुआ आपको? सत्ता की मस्ती में भूल गई बाप को? इन्दु जी, इन्दु जी, क्या हुआ आपको? बेटे को तार दिया, बो… more →
चौपालरवि कुमार, रावतभाटा wrote 2 months ago: घूम रहे हैं राजपथों पर डाकू अंगुलीमाल – नागार्जुन ( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhata) … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 7 months ago: यह कविता बाबा नागार्जुन ने इंदिरा गांधी की हिटलरी नीतियों के विरोध में लिखी थी. क्या हुआ आपको? क्या … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 7 months ago: विज्ञापन सुंदरी रमा लो मांग में सिन्दूरी छलना… फिर बेटी विज्ञापन लेने निकलना… तुम्हारी च … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 7 months ago: पाँच पूत भारतमाता के, दुश्मन था खूंखार गोली खाकर एक मर गया,बाकी रह गये चार चार पूत भारतमाता के, चारो … more →
Nishant wrote 9 months ago: महान बौद्ध संत नागार्जुन के पास संपत्ति के नाम पर केवल पहनने के वस्त्र थे। उनके प्रति अपार श्रद्धा प … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 9 months ago: अग्निबीज तुमने बोए थे रमे जूझते, युग के बहु आयामी सपनों में, प्रिय खोए थे! अग्निबीज तुमने बोए थे तब … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास कई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पास कई दिनों तक लगी भीत पर … more →
Rewa Smriti wrote 2 years ago: प्राइवेट बस का ड्राइवर है तो क्या हुआ, सात साल की बच्ची का पिता तो है! सामने गियर से उपर हुक से लटका … more →