तुमसे दूर यहाँ भी साँझ ढलती है, रात के किनारे पर अब टहलती है । उसके आँचल में बँधा तुमसे दूरी का अहसास, बढ़ता जाता है, छोड़ती वह गहरे प्रश्वास । रात्रि में मिल जाने को तत्पर शाम, खुद पर ओढ़ती हुई धीरे स… more →
स्याह इंद्रधनुष और चाँदनी रातेंGrey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष wrote 1 year ago: तुमसे दूर यहाँ भी साँझ ढलती है, रात के किनारे पर अब टहलती है । उसके आँचल में बँधा तुमसे दूरी का अहस … more →