भ्रष्ट समाज का उत्कर्ष करो ! जीवन है संघर्ष संघर्ष करो !! मिटा डालो उग्रता के निशां, बदल डालो भ्रमित समाज, नींव बनो तुम युवा शक्ति, जला डलो ये रिती रिवाज़ ! उखाड फ़ेंको उग्रवाद को, बन जाओ तुम कर्णधार, ख… more →
दिल की ज़मीं पररविकुल wrote 5 months ago: भ्रष्ट समाज का उत्कर्ष करो ! जीवन है संघर्ष संघर्ष करो !! मिटा डालो उग्रता के निशां, बदल डालो भ्रमित … more →